दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगों की साजिश के कथित आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि इसी मामले में अपील दायर करने वाले पांच अन्य आरोपी गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को कुछ नियम और शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है।
उमर खालिद और शरजील इमाम के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत के मामलों में हर आरोपी के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता और प्रत्येक मामले में आरोपी की भूमिका और आरोपों की प्रकृति को अलग-अलग देखा जाता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उमर खालिद का पहला बयान सामने आया है। उनकी साथी बानोज्योत्सना लाहिरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उमर खालिद ने कहा कि उन्हें बाकी आरोपियों को जमानत मिलने पर खुशी है और इससे उन्हें राहत महसूस हो रही है, भले ही उन्हें खुद जमानत नहीं मिली। पोस्ट के अनुसार जब बानोज्योत्सना ने कहा कि वह अगले दिन मुलाकात के लिए आएंगी तो उमर खालिद ने जवाब दिया कि बहुत बढ़िया, आ जाना, अब यही जिंदगी है।
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जो नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़के थे। कई दिनों तक चले इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। दंगे ऐसे समय में हुए थे जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर थे। दिल्ली पुलिस ने इसे एक पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए आरोप लगाया था कि इन घटनाओं का मकसद देश की छवि खराब करना और कथित तौर पर सत्ता परिवर्तन का दबाव बनाना था।













































































