नया साल 2026: कैलेंडर की सही दिशा, वरना रुक सकती है तरक्की
नया साल 2026 शुरू होते ही अधिकतर लोग नया कैलेंडर खरीदकर घर, दुकान या ऑफिस में लगा लेते हैं, लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि कैलेंडर किस दिशा में लगाया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कैलेंडर की दिशा का सीधा असर व्यक्ति के भाग्य, सुख और समृद्धि पर पड़ता है। गलत दिशा में लगाया गया कैलेंडर जीवन में प्रगति की राह में बाधा बन सकता है, इसलिए इसे लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना गया है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कैलेंडर कभी भी दक्षिण दिशा या दक्षिण दिशा की दीवार पर नहीं लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगे होने से घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही तरक्की के अवसर कम होने लगते हैं और कार्यों में रुकावट आने लगती है। धीरे-धीरे घर की सुख-समृद्धि और वैभव में भी कमी देखी जा सकती है।
दक्षिण दिशा को छोड़कर कैलेंडर को पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना गया है। पूर्व दिशा में कैलेंडर लगाने से जीवन में उन्नति और नए अवसर मिलने की मान्यता है। उत्तर दिशा को धन और आर्थिक समृद्धि से जोड़ा जाता है, इसलिए इस दिशा में शुभ और सकारात्मक चित्रों वाला कैलेंडर लगाना लाभकारी माना जाता है। वहीं पश्चिम दिशा स्थिरता और उपलब्धि की प्रतीक मानी जाती है, इस दिशा में कैलेंडर लगाने से घर में शांति और संतुलन बना रहता है।
कैलेंडर चुनते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि उसमें नकारात्मक भाव पैदा करने वाले चित्र न हों। युद्ध, खून-खराबे, उजाड़ दृश्य, सूखे पेड़ या उदासी दर्शाने वाले चित्र वास्तु की दृष्टि से अशुभ माने जाते हैं। साथ ही नए कैलेंडर को कभी भी पुराने कैलेंडर के ऊपर नहीं लगाना चाहिए और वर्ष समाप्त होते ही पुराने कैलेंडर को हटा देना चाहिए। माना जाता है कि पुराना कैलेंडर लगे रहने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और कामकाज में बाधाएं आने लगती हैं।













































































