बदायूँ में कड़ाके की ठंड के बीच आशा वर्कर्स की हड़ताल सत्रहवें दिन भी जारी
बदायूँ। आशा वर्कर्स यूनियन के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशव्यापी हड़ताल बदायूँ के मालवीय आवास गृह पर कड़ाके की ठंड में सत्रहवें दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में आशा कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन में भाग लिया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने कहा कि संगठन की ताकत के कारण 23 दिसंबर को हुए विधानसभा मार्च के दबाव में सरकार को वार्ता करनी पड़ी, जिससे आशा कर्मियों में खुशी की लहर है और उम्मीद की एक किरण जगी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आशा कर्मियों की मांगों पर चर्चा और समाधान की दिशा में संज्ञान लिया है। इसके लिए आशा वर्कर्स यूनियन जनपद बदायूँ प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दिनों हड़ताल को कमजोर करने और तोड़ने के प्रयास में कुछ विभागीय नौकरशाह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े लोग कुचक्र में लगे हुए हैं। मिशन निदेशालय द्वारा वित्तपोषित एवं सरकार द्वारा अनुदानित जेबी संगठनों और दलालों की पूरी फौज मैदान में उतारी गई है, जिससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है।
जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई है। किसी भी तरह के षड्यंत्र और दमन का संगठन मजबूती से मुकाबला करेगा। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना-आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
वहीं सचिव मनीषा ने कहा कि भाजपा शासित हरियाणा में 90 दिन के संघर्ष के बाद सरकार को आशा कर्मियों के सामने झुकना पड़ा था। बिहार में भी डबल इंजन सरकार को 41 दिन की हड़ताल के बाद समझौता करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार यह न समझे कि आशा कर्मियों को लंबा संघर्ष कराकर थकाया जा सकता है। संगठन 20 वर्षों की गुलामी और बेगार के खिलाफ संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है, चाहे इसमें कितना भी समय क्यों न लगे।
उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलनरत आशा कर्मियों को थकाने, दमन और उत्पीड़न के जरिए तोड़ने की गलतफहमी से बाहर निकलकर समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़े।
इधर बिसौली, इस्लामनगर, आसफपुर और सैदपुर की आशा कर्मियों ने बिसौली सेंटर पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। निर्दोष और नीलम सक्सेना ने भी अपने विचार रखकर आशा कर्मियों में साहस का संचार किया।
धरना-प्रदर्शन में निदेशा, किरण, माया, सुशीला, अंशू, अल्का, खेरूलनीस, रामलली सहित अनेक आशा कर्मी उपस्थित रहीं।













































































