कैंट विधानसभा में अटल स्मृति समारोह आयोजित, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को दी गई श्रद्धांजलि
बरेली। भारतीय जनता पार्टी कैंट विधानसभा द्वारा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अटल स्मृति समारोह का आयोजन स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी बोहरन लाल मौर्य रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने की तथा संचालन प्रभु दयाल लोधी ने किया।
मुख्य अतिथि बोहरन लाल मौर्य ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी एक विराट व्यक्तित्व के धनी थे, जिनके शब्दों में संवेदना और विचारों में राष्ट्रभाव झलकता था। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र निर्माण संभव है।
सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि अटल जी की राजनीतिक यात्रा संगठन से सत्ता तक संघर्ष और सिद्धांतों की मिसाल है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और उनका व्यक्तित्व आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है।
विशिष्ट अतिथि रवि रस्तोगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई उस पीढ़ी के प्रतिनिधि थे, जिसने सत्ता को साधन माना, लक्ष्य नहीं। उनकी यात्रा अनुशासन, त्याग और विचारधारा पर आधारित रही।
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि अटल जी की यात्रा राजनेता से राष्ट्रनेता बनने की प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने कहा कि संघ और जनसंघ से लेकर प्रधानमंत्री पद तक उनकी यात्रा राष्ट्र सेवा की मिसाल है।
महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने अटल जी के जीवन के विभिन्न पड़ावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण और 1999 के कारगिल युद्ध के समय उनका नेतृत्व देश की ताकत का प्रतीक बना। उन्होंने कहा कि अटल जी की 13 दिन की सरकार भी सिद्धांतों की जीत थी।
कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार, एमएलसी बोहरन लाल मौर्य, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, रवि रस्तोगी, श्रुति गंगवार, एससी-एसटी आयोग सदस्य उमेश कठेरिया, अनिल कुमार एडवोकेट, डॉ. सी.पी.एस. चौहान, शिशुपाल कठेरिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, पार्षद एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।













































































