लॉर्ड कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में “बहुविषयक प्रदर्शनी” का भव्य आयोजन हुआ
बदायूँ। लॉर्ड कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में “बहुविषयक प्रदर्शनी” का भव्य, सुव्यवस्थित एवं अत्यंत सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, तार्किक सोच तथा विभिन्न विषयों की गहन एवं व्यवहारिक समझ विकसित करना था। इस बहुविषयक प्रदर्शनी में कक्षा नर्सरी से लेकर उच्च कक्षाओं तक के लगभग 410 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की, जिनके द्वारा करीब 300 से अधिक आकर्षक एवं कार्यशील मॉडल तैयार कर प्रदर्शित किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम अरुण कुमार रहे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यशील एवं ज्ञानवर्धक मॉडलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की तथा कहा कि इस प्रकार की शैक्षिक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विज्ञान विषय में विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रिक लिफ्ट, जल शोधन प्रणाली, न्यूटन डिस्क, इलेक्ट्रिक हार्ट, मानव पाचन तंत्र, मानव उत्सर्जन तंत्र, अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब निर्माण, पत्ती का प्रदर्शन, फूल के भाग जैसे कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए। साथ ही हाइड्रोपोनिक खेती, फसल संरक्षण प्रणाली, सौर सिंचाई, जैविक खेती, तंत्रिका कोशिका, प्रकाश संश्लेषण एवं श्वसन क्रिया पर आधारित मॉडल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

गणित विषय में संख्या खेल, विस्तारित रूप, घड़ी, आकृति उद्यान, जादुई डिब्बा, आरोही-अवरोही क्रम, डेयरी फार्म, बड़ा-छोटा-बराबर की पहचान, कैरी ओवर सहित जोड़, जोड़ मशीन एवं अबेकस जैसे कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए गए।
सामाजिक विज्ञान में जल चक्र, ईवीएम, लोकतंत्र, भारत का भौतिक स्वरूप, ऋतुएँ, नया संसद भवन, सूर्य एवं चंद्र ग्रहण, वर्षा जल संचयन, प्रदूषण नियंत्रक, कार्बन अवशोषक, प्राकृतिक आपदाएँ, चंद्रयान, अग्नि चेतावनी यंत्र, पवन चक्की, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र, मौलिक अधिकार, वायुमंडल की परतें, ड्रिप सिंचाई, स्थलाकृति एवं जीवन, मुद्रा का विकास, न्यायपालिका व्यवस्था, तब और अब की सामाजिक व्यवस्था, जल शोधक, बवंडर एवं सौरमंडल जैसे मॉडल प्रस्तुत किए गए।
अंग्रेजी विषय में कविता उद्यान, तीन अक्षरों वाले शब्द, जादुई शब्द, एकवचन-बहुवचन, दिनों के नाम आदि पर आधारित मॉडल विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किए गए।
हिंदी विषय में पंचतंत्र, ग्राम पंचायत, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रियाविशेषण, संधि एवं विलोम शब्द पर आधारित शिक्षाप्रद मॉडल प्रस्तुत किए गए।
संस्कृत विषय में शिष्टाचारः, भाव परीक्षण यंत्रम्, कारकाणि, गुरुकुलम्, समय लेखनम्, संख्याज्ञानम्, मासानां नामानि, धातुरूप यंत्रम्, शरीर के अवयव, वचन चक्र एवं उपसर्ग जैसे ज्ञानवर्धक मॉडल लगाए गए।
कला विषय में मिट्टी के फल, घरों के प्रकार, रेगिस्तान का दृश्य, स्वस्थ एवं अस्वस्थ भोजन जैसे रचनात्मक मॉडल प्रदर्शित किए गए।
खेल विषय में विद्यार्थियों ने फिटनेस, स्वच्छता एवं खेलों के महत्व को दर्शाने वाले मॉडल प्रस्तुत किए।
कॉमर्स विषय के अंतर्गत मुद्रा का विकास, आर्थिक गतिविधियाँ एवं लेन-देन प्रणाली से संबंधित मॉडल प्रदर्शित किए गए।
आर्ट इंटीग्रेशन (केरल एवं पंजाब) के अंतर्गत केरल एवं पंजाब की संस्कृति, लोकजीवन, खान-पान, वेशभूषा एवं वास्तुकला को विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं कला से जोड़कर अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
किंडरगार्टन के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा जंगली एवं पालतू जानवर, ट्रैफिक लाइट, परिवहन के साधन, गिनती, स्वस्थ एवं अस्वस्थ भोजन आदि पर आधारित आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए गए।
इसी क्रम में विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का आयोजन भी किया गया, जिसमें अभिभावकों ने शिक्षकों से संवाद कर बच्चों की शैक्षिक प्रगति, व्यवहार एवं प्रतिभा संबंधी जानकारी प्राप्त की तथा विद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी के सहयोग की प्रशंसा की। इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक वेदव्रत त्रिवेदी, सह-संस्थापक तेजस्व त्रिवेदी, निदेशिका छवि शर्मा एवं रीता शर्मा, शैक्षिक निदेशक देवव्रत त्रिवेदी तथा प्रधानाचार्य दीपक त्यागी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और भी बढ़ाया।













































































