बरेली। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का 814वां उर्स-ए-मुबारक बरेली में पूरे अकीदत, एहतराम और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के बरेली जिला अध्यक्ष शारिक अब्बासी की ओर से ओल्ड सिटी मदीना शाह स्थित इमामबाड़े के पास, मेहताब जरी आर्ट के निकट उर्स का विशेष प्रोग्राम आयोजित किया गया। उर्स के दौरान ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में नियाज व नजर पेश की गई। नियाज में बिरयानी की देगें, दलिया, फल सहित अन्य खाद्य सामग्री अकीदतमंदों के लिए रखी गई, जिसे बड़ी तादाद में मौजूद लोगों को तबर्रुक बटा गया इस ख़ास मोके पर। कार्यक्रम में मोहल्ले के तमाम लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सूफी परंपरा के अनुसार आपसी भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम दिया। इस मौके पर दुआओं का सिलसिला चला, जिसमें देश में अमन-चैन, आपसी सौहार्द और तरक्की की कामना की गई। शारिक अब्बासी ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज का संदेश मोहब्बत, सेवा और इंसानियत का है, जिसे अपनाकर ही समाज में भाईचारा कायम रखा जा सकता है। कार्यक्रम में खास तौर पर मोहम्मद हसीब, आमिर मुनीर, मोहम्मद फैजान, समीर रिजवान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।