मदन मोहन मालवीय की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रेरणा लें : सिन्हा
बरेली। मानव सेवा क्लब के तत्वावधान में महान शिक्षाविद भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की 164 वीं जयंती पर एक विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह किया गया। द्वारिका पुरम कालोनी में विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने कहा कि भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की इच्छाशक्ति इतनी दृढ़ थी कि जो उन्होंने ठान लिया उसे पूरा कर दिखाया उनकी इच्छाशक्ति से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए ।उन्होंने बताया कि मालवीय जी ने आधुनिक शिक्षा पद्धति को सनातन परंपराओं के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षाविद प्रकाश चंद्र सक्सेना ने कहा कि मालवीय जी समानता और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन प्रतिबद्ध रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सत्येंद्र सक्सेना ने कहा कि मालवीय जी द्वारा स्थापित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय युवाओं के चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र होकर उभरा है।शिक्षाविद अरुणा सिन्हा ने कहा कि देशवासियों में राष्ट्र के प्रति गौरव के भाव को सींचने वाले मालवीय जी का जीवन ध्रुव तारे की तरह है जो हमेशा चमकता रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान के लिए प्रकाश चंद्र को मदन मोहन मालवीय सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप शाल, स्मृति चिन्ह ,हार क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्येंद्र सक्सेना, इन्द्र देव त्रिवेदी ने प्रदान किया। कार्यक्रम में मुकेश सक्सेना, कल्पना सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, सुधीर मोहन, रश्मि सक्सेना,अनिल गुप्ता, सुनील कुमार शर्मा, दीप्ति, मंजू लता, वीरेश, मीरा मोहन, अभय भटनागर, राजेश सक्सेना, अंजलि, अनिल कुमार, मंजू अस्थाना, मीना भटनागर, राजीव अस्थाना, शोभा सक्सेना सहित अनेक लोग मौजूद रहे।संचालन अनिल गुप्ता ने किया।
जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रेमनगर धर्मकांटा स्थित पिछड़ा वर्ग कार्यालय पर भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती और स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न चक्रवर्ती राजगोपालचारी की पुण्य तिथि एवं महाराज बिजली पासी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। महानगगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने
गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे महान समाज सुधारक का हमारे देश में जन्म लेना हम सभी के लिए ईश्वर की विशेष कृपा है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किया। सभी का कर्तव्य है कि वह महामना मालवीय जी द्वारा बताए गए समाज सुधार के मार्ग पर चले। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती राजगोपालचरी भारत के प्रथम गवर्नर जनरल थे। आज के समय मे उनके जैसा नेता होना बहुत ही मुश्किल है।
गोष्ठी में बोलते हुए पूर्व विधायक छोटे लाल गंगवार ने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा दिया गया महान नारा “सत्यमेव जयते” हमारे जीवन का आधार होना चाहिए, क्योंकि अंततः सत्य की ही विजय होती है।
कार्यक्रम में महाराजा बिजली पासी के जीवन पर प्रकाश डालते हुये पंडित राज शर्मा ने कहा की पासी 12वी सदी के शक्ति शाली शासक थे। उनकी स्मृति दलित आंदोलन के माध्यम से जीवित है।
गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित कांग्रेसजनों ने पंडित मदन मोहन मालवीय के विचारों को आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मुख्यरूप सेअनिल देव शर्मा, रमेश श्रीवास्तव, रतन जायसवाल, पंकज उपाध्याय, विनोद कुमार, सतीश चंद्रा, हरिओम शाक्य, धर्मपाल गंगवार, महेंद्र पाल गंगवार, सुरेंद्र पाल गंगवार, कमरुद्दीन सैफी, साजिद अब्बासी, घनश्याम, देवेंदर प्रकाश श्रीवास्तव, मोहमद जकी, मनोज कुमार घोष, प्रवीण कुमार मिश्रा, सुरेश दिवाकर आदि मौजूद रहे। निर्भय सक्सेना













































































