कडाके की सर्दी में पेंशन अपडेशन के लिए बैंक सेवानिवृत्त लोगों का धरना
बरेली। एआईबीआरएफ के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के बैंकों में 3 लाख से अधिक सदस्य हैं, आरबीआई की तर्ज पर पेंशन अपडेशन, 2012 के बाद के रिटायर लोगों को विशेष भत्ते पर सेवानिवृत्ति अनुलाभ , सरकार को आईबीए स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना चाहिए, आईबीए समूह चिकित्सा बीमा पर शून्य जीएसटी, जिसके लिए सेवानिवृत्त लोगों द्वारा व्यक्तिगत रूप से भुगतान किया जाता है, बाकी सेवानिवृत्तों के लिए पेंशन विकल्प और द्विदलीय 2022 के अनुसर डीए 8088 सी पी आई इंडेक्स का बेसिक पेंशन समायोजन , अनुग्रह राशि की वार्षिक समीक्षा से लंबित अन्य मांगों को पूरा करने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया गया है।
एआईबीआरएफ केंद्रीय समिति के सदस्य और सचिव बरेली गोपाल कृष्ण वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि पीएसबी में वित्त पोषित पेंशन योजना है जो कर्मचारी के पेंशन योगदान से फंड बना है जिसका जमा शेष 3.5 लाख करोड़ से अधिक है, हर वर्ष ब्याज से पेंशन वितरण होने के बाद भी अधिशेष वर्ष दर वर्ष वृद्धि हो रही है लेकिन 30 साल से पेंशन अपडेशन नहीं हुआ है, वरिष्ठ नागरिक पीड़ित हैं आर्थिक रूप से शोषित है। कडाके की सर्दी में कानपते हुए
85 वर्ष के सेवानिवृत्त धरने पर बैठे हैं सरकार सामाजिक सुरक्षा की तभी हमारी तरफ ध्यान देगी।
अगर कानूनन सरकार की समझ में कोई विसंगति है तो सामाजिक सुरक्षा के अनुसार वरिष्ठ जन का उचित हक बनता है। एनपीएस में पहले 8% फिर 10% अब 14% सरकार योगदान कर रही है, बिडबना है कि आरबीआई में 2019 पुन: 2024 में पेंशन दो बार अद्यतन हो गई है नाबार्ड में भी पेंशन अपडेट होगा,मगर हम वंचित हैं ये कैसा न्याय है।
संयुक्त सचिव संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि संसद के बजट सत्र तक लगातार आंदोलन चलेगा, तीन दशक से लंबित पेंशन अपडेशन जल्दी हो।
अनिल मेहरोत्रा ने अध्यक्षता की
ए पी गुप्ता,जगन्नाथ बारी,महेश यादव,जी डी अग्रवाल,एस के सक्सेना,प्रमोद अग्रवाल,डी एन पारासरी, पी के माहेश्वरी, पंकज शर्मा, आर बी खन्ना, संजय मेहरा,रामजी त्रिपाठी, विनय सक्सेना, अनिल अग्रवाल, आलोक कुलश्रेष्ठ,राम कृष्ण शर्मा, ने भी संबोधित किया
इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक लवली पांडे ने एआईबीआरएफ का ज्ञापन प्राप्त किया।













































































