सहकारी सचिव के बेटे ने खुद को आग लगाई, दूसरे बेटे ने किया आत्मदाह का प्रयास

एडीसीओ एआर और सहकारी बैंक अध्यक्ष पर घूसखोरी का आरोप
केंद्रीय सहकारिता मंत्री के गृह जनपद में सहकारिता विभाग का बड़ा मामला
सहकारी बैंक अध्यक्ष का पहले भूमि विवाद और अब घूसखोरी में नाम उछला
युवक ने शरीर में आग लगाई, अफसर अपने कमरे में सीसीटीवी पर नजारा देखते रहे, कोई बचाने को बाहर नहीं निकला
दिल दहलाने और भ्रष्टाचार व घूसखोरी का यह बड़ा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं का है। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा के गृह
बदायूं। नजपद बदायूं के विकास भवन में आज दोपहर करीब सवा बजे साधन सहकारी सिठौली के निलंबित सचिव के बेटे विपनि ने पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगा ली, दूसरे बेटे मनोज ने आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद होमगार्डों ने खुद को आग लगाने वाले युवक के कपड़े फाड़कर बचाया और अस्पताल पहुंचाया गया, दूसरे बेटे को भी पकड़ लिया था। झुलसा युवक राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। सचिव का दूसरा बेटा विकास भवन पर हंगामा करता रहा, कर्मचारियों ने सिविल लाइन थाने की पुलिस बुला ली। पुलिस युवक समेत दो लोगों को पकड़कर थाने ले गई। आत्मदाह का प्रयास करने वाला सहायक सचिव सहकारी बैंक के अध्यक्ष उमेश राठौर पर घूसखोरी का आरोप लगा रहा था । उमेश राठौर का पूर्व में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए किसानों से सस्ते दामों पर भूमि खरीद कर बेचने के भी आरोप लग चुके हैं। जनपद में भाजपा के इस बड़े नेता पर एक बार फिर से आरोप लगने पर विपक्ष को भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।
विकास भवन में सीसीटीवी कैमरे हर जगह लगे हुए है। कैंपस में युवक अपने शरीर में आग लगा रहा था। अधिकारी अपने आफिसों में मौजूद थे। विकास भवन के एक-दो बड़े अधिकारी अपने कमरे में स्क्रीन पर नजारा देखते रहे, किसी भी अधिकारी ने बाहर निकलकर युवक को आत्मदाह से रोकने की जहमत तक नहीं उठाई।

बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव बाकरपुर निवासी राजेंद्र पाल शर्मा इस्लामनगर क्षेत्र के गांव सिठौली स्थित किसान सेवा सहकारी समिति पर प्रभारी सचिव के पद पर कार्यरत थे। अप्रैल २०२० में उन्हें दो गेहूं खरीद केंद्रों का चार्ज दिया गया था। दोनों खरीद केंद्रों पर करीब ७२०० क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। जिसमें उनके द्वारा परिवहन भाड़ा, लेबर पल्लेदारी, मंडी आदि के खर्च का करीब छह लाख का भुगतान किया गया, लेकिन विभाग द्वारा उन्हें इसका भुगतान नहीं मिला। इस बीच उन्हें एडीओ प्रदीप यादव द्वारा गबन के आरोप में निलंबित कर दिया था।
राजेंद्र पाल शर्मा अपनी बहाली और बैंक के लेनदेन पर लगी रोक को हटवाने के लिए अफसरों के कार्यालयों के एक साल से चक्कर काट रहे थे, कहीं कोई सुनवाई नहीं होने पर बुधवार को राजेंद्र शर्मा अपने बेटे विपिन शर्मा, मनोज शर्मा, सचिन और पत्नी गुड्डो के साथ विकास भवन पहुंचे। प्रभारी एआर कोआपरेटिव मनोज उत्तम जैसे ही विकास भवन गेट से बाहर निकले अचानक विपिन शर्मा ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। जब तक होमगार्डों ने उसके कपड़े फाड़कर बचाया तब तक वह बुरी तरह झुलस चुके थे। राजेंद्र के दूसरे बेटे मनोज शर्मा को पुलिस टीम ने जबरन पकड़कर जीप में डाल दिया। पुलिस राजेंद्र पाल शर्मा और उसके बेटे मनोज शर्मा, सचिन शर्मा व पत्नी गुड्डो को थाने ले आई है।