बदायूं में शानो शौकत के साथ हुआ सालाना उर्से कादरी का आगाज,अकीदतमंदों की भीड़
बदायूं। विश्व प्रसिद्ध दरगाह आलिया कादरिया पर शनिवार को हुजूर शाह ऐनुलहक हजरत अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय सालाना उर्स शरीफ खानकाह के साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती में बड़े ही अदबों एहतिराम व शानो शौकत के साथ कुरआन ख्वानी व तबर्रुकात शरीफ के जुलूस से शुरू हो चुका है। जिसमे बड़ी तादाद में पहुंचे अकीदतमंद ज़ायरीन महफिल का आगाज कारी फरमान कादरी ने तिलावते कुरान मजीद से किया। उसके बाद नाजिमे उर्स हजरत अब्दुल कय्यूम कादरी, हाफिज गुलाम अतीफ कादरी, हाफिज असद मुईन कादरी, अब्दुल हन्नान कादरी, अनीस पटेल कादरी ने नात शरीफ के कलाम पेश किये।

साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी ने पहले अपना कलाम पेश किया, उसके बाद अपनी इल्मी तकरीर से लोगाें के दिलों को रोशन किया। साथ ही साहिबे उर्स की ज़िन्दगी पर रौशनी डाली। उर्स के मौके पर शहीदे बगदाद वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत एक अकीदतमंद का निकाह काजी ए जिला ने पढ़ाया और साथ ही उन्होंने सभी लोगों से बिना दहेज के शादी करने का आह्वान किया। रविवार 9 नवम्बर को बाद नमाज़े ज़ोहर तबर्रुकात शरीफ की ज़्यारत कराई जाएगी और बाद नमाज़े असर हल्का ए ज़िक्र होगा। और बाद नमाज़े इशा होगी बड़ी कादरी मजीदी कॉन्फ्रेंस । दस नवंबर सोमवार को बाद नमाजे फज्र कुल शरीफ की फातिहा के साथ उर्स की महफिल का समापन होगा। उर्स में देश भर से जायरीनों का आने सिलसिला जारी है आने वाले अकीदतमंद जायरीनों के लिए लगातार खानकाह की ओर से खाने पीने व ठहरने समेत अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम इंतजाम शहजादा-ए-ताजदारे अहले सुन्नत हजरत अज्जाम मियां कादरी की देखरेख में किए गए है। उर्से कादरी के मौके पर दरगाह के मैन गेट पर ही ताजुल फहुल एकेडमी की तरफ से दीनी इल्मी किताबों का स्टॉल भी लगाया गया है। जिसमे सभी दीनी किताबें उपलब्ध है।













































































