बरेली स्थानीय अलमुगल वैलफेयर सोसाइटी ने जलसा ए सीरत उन का आयोजन आल इंडिया मुस्लिम जमाअत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाह बुददीन रज़वी जलसे के मुख्य अतिथि थे जलसे के विशेष अतिथि खैलम के पूर्व प्रधान हाजी अहसन ख़ान थे जलसे की अध्यक्षता अल – मुग़ल – वेलफ़ेयर सोसाइटी के सचिव प्रसिद्ध समाज सेवी नाज़िम बेग ने किया तथा संचालन गुलेशमा , माहिरा ने बारी बारी से किया जलसे का आग़ाज़ तिलावत-ए-कलाम पाक से सानिया ने किया । हुज़ूर ए अकरम की शान में नात का नज़राना सना शम्सी और गुलेशमा ने बढ़े अदब और एहतराम के साथ पेश किया जुलूस को ख़िताब करते हुए मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने कहा जहाँ जैसा माहोल होगा वहाँ रसूल ए करीम के बतायी गई बातो को मुसलमानों को पैरवी करनी होगी मुसलमान को दुनिया को बताना होगा अल्लाह के रसूल रहमत्तुल अलामीन है वे इल्मो अमल के जीते जागते नमूने है उन्होंने मुसलमानों को कुरान ए करीम व हदीस अपनी ज़िंदगी गुज़ारने के लिए हिदायत दी है नाजिम बेग ने कहा हुजूर की आमद से पहले काँ जमाना जहालत का जमाना था जहालत का दौर मे ज़ुल्म ओ जाततिया कमजोरी को दबाया जा रहा था और कबायली जंग ए आम थी एसे अंधेरों में अल्लाह ताला ने अपने महबूब को दुनिया के लिए एक अच्छी राह दिखाने के लिए लोगो को अंधेरे में निकालकर नूर ए हिदायत अदा की ।अहसन ख़ान ने कहा बहुत बड़ा रुकन नमाज है। आज हम सब लोग जश्न ए ईद मिलादुन नबी मना रहे है ।। जलसे को महरीन जहाँ ने खिताब किया और हजरत मौहम्मद सल्लाहो ताला अल्ही वसल्लम की ज़िंदगी पर विस्तार में रोशनी डाली । अंत मे शुक्रिया निगत परवीन ने सबका अदा किया व्यवस्थाओं में अफ़ीफ़ा ख़ान शिफ़ा साजिद ,जेबा ख़ान ,फ़िज़ा ,जैनब आलिया ख़ान आदि का सहयोग रहा ।