बदायूं में वार्डन सेवा आम नागरिकों एवं जिला पुलिस प्रशासन के बीच एक सेतु का कार्य करेगी
बदायूँ। अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में जिलाधिकारी/नियंत्रक नागरिक सुरक्षा बदायूं अवनीश राय की अध्यक्षता में नागरिक सुरक्षा कोर के गठन के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें बरेली से आए सहायक नियंत्रक नागरिक सुरक्षा पंकज कुदेशिया ने नागरिक सुरक्षा कोर के गठन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा युद्ध एवं आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने हेतु प्रदेश के 15 जिलों में कार्यरत है तथा शीघ्र ही शेष 60 जिलों में भी इसका गठन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 12 आपातकालीन सेवाएँ स्थापित की जाती हैं, जिनमें से 11 सेवाएँ विभिन्न राजकीय विभागों द्वारा संचालित होती हैं, जबकि एक सेवा पूर्णतया अवैतनिक होती है, जिसे “वार्डन सेवा“ कहा जाता है। उन्होंने बताया कि वार्डन सेवा आम नागरिकों एवं जिला पुलिस प्रशासन के बीच एक सेतु का कार्य करती है। इसमें नगर क्षेत्र से विभिन्न रैंक पर स्वयंसेवकों की भर्ती की जाती है। यह लोग पूर्णतया निःशुल्क समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। किसी भी क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले नागरिक, चाहे वे व्यवसायी हों या किसी सरकारी व गैर-सरकारी सेवा में हों, वार्डन सेवा में आवेदन कर सकते हैं। चयन उपरांत उन्हें विभिन्न रैंक प्रदान किए जाते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवाएँ नागरिक हित में ली जाती हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विभाग के गठन की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए नगर में कार्यालय आवंटन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा प्राप्त 23 आवेदनों के आधार पर वार्डन सेवा की नियुक्तियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट को दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 ब्रजेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल सहित अन्य अधिकारी श्याम कृष्णा, अंजय अग्रवाल एवं सुनील गुप्ता उपस्थित रहे।













































































