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Uttar Pradesh

महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम हेतु प्रत्येक संस्थान में आन्तरिक परिवाद समिति का गठन अनिवार्य: जिलाधिकारी

September 2, 2025By admin0 comments
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बदायूँ । जिलाधिकारी अवनीश राय ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘‘महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एंव प्रतितोष) अधिनियम-2013 अधिनियम की धारा 4 के अनुपालन में जनपद स्तर के एसे प्रत्येक शासकीय, अर्द्धशासकीय एंव अशासकीय (निजी) विभाग, सगंठन, उपक्रम, स्थापना, उद्यम, संस्था, शाखा अथवा यूनिट में जहाँ कार्मिको की सख्या 10 या 10 से अधिक है, ऐसे सभी कार्यालयों के नियोजको द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न सम्बन्धी शिकायतों की जाँच हेतु आन्तरिक परिवाद समिति का गठन किया जाना है। यदि किसी नियोजक द्वारा अपने कार्यस्थल में नियमानुसार आन्तरिक परिवाद समिति का गठन नही किया गया है तो नियोजक पर रु0 50,000/-पचास हजार रू0 तक का अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने का प्रावधान है और यह दण्ड नियोजक पर दूसरी बार अधिरोपित दण्ड से दुगने दण्ड का दो गुणा हो जायेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्यवाही शीर्ष स्तर और राज्य स्तर पर विषय विशेषज्ञों से सम्बन्धित सभी सांविधिक निकायो यथा-डॉक्टरों, वकीलों, आर्किटेक्ट्स, चार्टड एकाउन्टेन्ट, आय-व्यय, लेखक, इन्जीन्यर्स, बैंकर्स व अन्य विषय विशेषज्ञ को विनियमित करने वाले अभिकरणों के अतिरिक्त विश्वविद्यालयों, कॉलेजो प्रशिक्षण केन्द्रो और शैक्षणिक सस्थानों एवं सरकारी तथा निजी चिकित्सालयों व नसिंग होम्स आदि के द्वारा भी की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध एंव प्रतितोष अधिनियम-2013 अधिनियम की धारा 4 के अनुपालन में जनपद स्तर के सभी समस्त शासकीय, अर्द्वशासकीय एवं निजी कार्यालयों, संस्थाओं, निकायों, उपक्रमों, परिषदों एवं बोर्ड इत्यादि मे आन्तरिक परिवाद समिति का गठन जनपद के कार्यालयों में कराते हुए सभी आन्तरिक परिवाद समिति का गठन जिसमें महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 की धारा 4(2) के अन्तर्गत कार्यालय में तैनात पीठासीन अधिकारी-कार्यस्थल/अन्य व्यवस्थापक इकाइयों/कार्यालयों/संगठनों से वरिष्ठ महिला कर्मचारी। कार्यालय में कम से कम 02 सदस्य महिलाओं के लिये कार्य करने मे प्रतिबद्ध/समाज कार्य में अनुभव/कानूनी ज्ञान, बाहरी 01 सदस्य महिलाओं के लिये कार्य करने मे प्रतिबद्ध/समाज कार्य में अनुभव/कानूनी ज्ञान। उपरोक्त संरचना में आधी सदस्य महिलायें होगी।
उन्होने निर्देश दिए कि ऐसे प्रत्येक शासकीय, अर्द्धशासकीय एव अशासकीय (निजी) विभाग, सगंठन, उपक्रम, स्थापना, उद्यम, संस्था, शाखा अथवा यूनिट में जहाँ कार्मिको की सख्या 10 या 10 से अधिक है, ऐसे सभी कार्यालयों के नियोजको द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीडन सम्बन्धी शिकायतों की जांच हेतु आन्तरिक परिवाद समिति का गठन कर गठन की सूचना के साथ-साथ समिति में प्राप्त शिकायतों से सम्बधित सूचना निर्धारित प्रारूप पर कार्यालय जिला प्रोबेशन अधिकारी, कक्ष संख्या 44 कलेक्ट्रेट बदायूँ की ई-मेल आई०डी० dpomahilakalyanbudaun@gmail.com पर एंव हार्ड कॉपी को रजिस्ट्रर्ड डाक द्वारा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।

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