बरेली। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन सड़कों और गलियों में लोग इनके हमलों का शिकार बन रहे हैं। बीते 24 घंटे के भीतर अलग-अलग इलाकों में कई लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिसके चलते उन्हें जिला अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी पड़ी। इन घटनाओं ने नगर निगम की व्यवस्थाओं और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना बारादरी क्षेत्र की कालीबाड़ी निवासी निधि (37 वर्ष) अपने घर के पास की गली से गुजर रही थीं। अचानक एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। हमले में कुत्ता उन्हें गिरा ले गया और सीने पर काटकर घायल कर दिया। घबराई निधि को परिजन तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन दी। इसी तरह आशुतोष सिटी थाना बारादरी के योगेंद्र (60 भी कुत्ते के हमले का शिकार हुए और अस्पताल पहुंचे। थाना किला क्षेत्र में भी छोटे (60 वर्ष) कुत्तों के काटने से घायल हो गए। वहीं, प्रमोद (20 वर्ष) को भी कुत्ते ने काट लिया। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी कुत्तों का आतंक कम नहीं है। थाना फरीदपुर के दलपुरा निवासी रामसरन के तीन वर्षीय बेटे वंश पर भी कुत्ते ने हमला कर घायल कर दिया। वहीं, थाना भुता के कोटा निवासी हुकम सिंह की चार वर्षीय बेटी देवांशी को भी आवारा कुत्तों ने काट लिया। इन दोनों मासूमों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया और चिकित्सकों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई। लगातार हो रही इन घटनाओं से आमजन में दहशत का माहौल है। लोग अब घरों से बाहर निकलने और बच्चों को खेलने के लिए भेजने से भी डरने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को तुरंत प्रभाव से आवारा कुत्तों को पकड़ने और रोकथाम के इंतजाम करने चाहिए। आए दिन हो रही घटनाओं से साफ है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। बरेली में इस समय दर्जनों लोग रोजाना कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों पर सख्त कार्रवाई कर शहरवासियों को राहत दिलाई जाए।