कैपिटल पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस और कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया

बदायूं। आज कैपिटल पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस और कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व एक साथ बड़े प्रेम हर्ष उल्लास और सूमधाम के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस भारत का एक राष्ट्रीय त्यौहार है जो 15 अगस्त को मनाया जाता है प्रयानाचार्य मीनू सिंह ने ध्वजारोहन करने के उपरान्त छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह हमारा 79th स्वतंत्रता दिवस है आज के दिन सन 1947 को भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी। स्वतंत्रता दिवस हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद विताता है इसके बाद छात्रों द्वारा अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये पी०जी० से कथा 2 तक के नन्हें मुन्ने बच्चे कृष्ण और राधा के बाल रूप में आए कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के छात्र स्वतंत्रता दिवस की थीम पर तैयार होकर आए जिनमें कुछ राष्ट्रीय ध्वज के रंगो के कपडे पहने हुए थे। और कुछ देशभक्तों का प्रतिनिधित्व करने वाली वेशभूषा में थे। छात्रों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक और भाषण आदि की सुन्दर प्रस्तुति दी गई छात्र अपने हाथों में तिरंगे शण्डे, बैनर, पोस्टर आदि लिए हुए ये सभी लोग देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दे रहे थे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के साथ साथ विद्यालय में कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन भी किया गया जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है जो भाइपद मास के अष्टमी तिथि को मनाई जाती है इस उपलक्ष्य में विद्यालय के नन्हें मुन्ने राधा कृष्ण के परिधानों में सुसज्जित होकर आए और सभी का मन मोह लिया। भगवान कृष्ण का मनमोहक रूप हृदय को शान्ति और आनन्द से भरने याला था उनकी मंद मुस्कान और नटखट स्वभाव उनके आकर्षण को और बढ़ा रहा था। साथ ही राधारानी भी प्रेम, कोमलता, करूणा और भक्ति की प्रतीक लग रही थी। कृष्ण और राधाजी ने मिलकर कई भक्ति गीतों पर सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किए। साथ ही गोपिकाएँ और ग्वालों का भी आकर्षण देखने योग्य था। अंत में प्रधानाचार्य मीनू सिंह ने सभी का आभार और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इन सभी त्यौहारों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है वे न केवल खुशी और उत्सव के प्रतीक होते है बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का प्रतीक होते है। इस अवसर पर ममता सक्सेना अमित जौहरी रश्मि जुनेजा भटनागर, दिव्या सिंह, मानसी शर्मा, कुमकुम, दीक्षा यादव, पूनम यादव शीतेश गुप्ता, रूपा सक्सेना, प्रियंका दीक्षा कश्यप, आदि का योगदान सराहनीय रहा।