बदायूं में समर्थकों ने भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया

दातागंज (बदायूं)। सेवा, समर्पण और संकल्प की पहचान बन चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. शैलेश पाठक का जन्मदिवस इस बार दातागंज और पूरे विधानसभा क्षेत्र के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं रहा। सुबह से लेकर देर रात तक नगर और ग्रामीण अंचलों से आए हज़ारों समर्थकों ने उनके आवास पर पहुँचकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। माहौल ऐसा था मानो पूरा नगर एक स्वर में उनके जीवन के उज्जवल भविष्य की प्रार्थना कर रहा हो।
ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचने लगे समर्थक
सुबह की पहली किरण के साथ ही दातागंज की गलियों में हलचल शुरू हो गई। गाँव-गाँव से ट्रैक्टर-ट्रॉली, जीप और मोटरसाइकिलों पर सवार समर्थकों के जत्थे निकल पड़े। ढोल-नगाड़ों की थाप और बैंड-बाजे की धुनों ने नगर की हवा को उत्साह से भर दिया। जगह-जगह समर्थकों ने “डॉ. शैलेश पाठक जिंदाबाद” और “सेवा, समर्पण, संकल्प” के नारे लगाए।
नगर में प्रवेश करते ही माहौल एक मेले का रूप लेने लगा। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में फूलमालाएँ, गुलदस्ते और मिठाइयाँ लेकर अपने नेता को बधाई देने की तैयारी कर रखी थी।
आतिशबाज़ी से जगमगाया आसमान
शाम होते-होते दातागंज का नज़ारा अद्भुत हो गया। आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी से जगमगा उठा। एक ओर बाजे-गाजे की धुन पर कार्यकर्ता नृत्य कर रहे थे तो दूसरी ओर बच्चे रंग-बिरंगी रोशनी से आलोकित आसमान को निहारते नजर आए। पूरा नगर मानो खुशी में डूब गया। राहगीरों ने भी रुककर इस दृश्य का आनंद लिया।
हर वर्ग ने दी शुभकामनाएँ
इस अवसर पर सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हुए।अधिवक्ताओं ने उन्हें न्यायप्रिय और संघर्षशील व्यक्तित्व बताया।चिकित्सकों ने उनके सामाजिक सरोकारों और सेवा भाव की सराहना की।पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने उनके नेतृत्व को क्षेत्र की राजनीति में सकारात्मक ऊर्जा का वाहक माना।किसानों और मजदूरों ने उनके जनसंपर्क और सहृदय व्यवहार की प्रशंसा की।
हजारों की संख्या में मौजूद क्षेत्रीय जनता ने अपने नेता को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं और उनके दीर्घायु होने की कामना की।
भावुक हुए डॉ. शैलेश पाठक
अपने जन्मदिवस पर उमड़े इस स्नेह और आशीर्वाद को देख डॉ. पाठक भी भावुक हो उठे। जलपान के बाद समर्थकों और आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा—
“मेरा जीवन जनता के हित और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित है। जैसे अब तक आपके साथ खड़ा रहा हूँ, वैसे ही आगे भी रहूँगा। आपके स्नेह और विश्वास को कभी टूटने नहीं दूँगा।”
उनके इस उद्बोधन पर उपस्थित भीड़ ने ज़ोरदार तालियों और नारों से स्वागत किया।जनसैलाब बना चर्चा का विषय
पूरा आयोजन दातागंज की राजनीति में नई हलचल पैदा कर गया। समर्थकों का जो जनसैलाब देखने को मिला, उसने यह संकेत दिया कि डॉ. पाठक की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। क्षेत्रीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जिस तरह हर वर्ग का सहयोग और आशीर्वाद उन्हें मिल रहा है, वह भविष्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सेवा और समर्पण का सफर
डॉ. शैलेश पाठक लंबे समय से राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय हैं। वे अपने व्यवहार और कार्यशैली के कारण आमजन में विशेष पहचान रखते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में उनकी पहल को जनता ने सराहा है। चाहे विधानसभा क्षेत्र की समस्याएँ हों या व्यक्तिगत दुख-दर्द, वे हर समय लोगों के साथ खड़े दिखाई देते हैं।
जन्मदिन बना उत्सव का प्रतीक
जहाँ आमतौर पर जन्मदिवस व्यक्तिगत उत्सव होता है, वहीं डॉ. पाठक का जन्मदिन इस बार एक सामाजिक पर्व जैसा बन गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर उन्हें आशीर्वाद दिया, बच्चों ने गुब्बारे उड़ाकर अपनी खुशियाँ साझा कीं और बुज़ुर्गों ने उन्हें लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया।
डॉ. पाठक का जन्मदिवस केवल एक नेता का उत्सव नहीं बल्कि सेवा और सहयोग की भावना का प्रतीक बन चुका है।
दातागंज की सड़कों पर जश्न का नज़ारा
राजनीतिक हलचल और भविष्य की तस्वीर
इस आयोजन ने न केवल उत्सव का माहौल बनाया बल्कि दातागंज की राजनीति में भी चर्चा का नया विषय प्रस्तुत कर दिया। लोग अब यह अनुमान लगाने लगे हैं कि आने वाले दिनों में डॉ. शैलेश पाठक का कद और भी बड़ा हो सकता है। उनके समर्थकों की बढ़ती संख्या और जनता से सीधा जुड़ाव उनके राजनीतिक भविष्य को मज़बूत आधार देता है।
डॉ. शैलेश पाठक का जन्मदिवस दातागंज के लिए केवल एक उत्सव नहीं बल्कि जनता और नेता के बीच अटूट संबंध का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। ढोल-नगाड़ों की गूँज, आतिशबाज़ी की चमक, समर्थकों का जनसैलाब और हर वर्ग की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि जनता उनके साथ है और उनका विश्वास उनके नेतृत्व पर अटूट है।
आने वाले समय में यह आयोजन क्षेत्रीय राजनीति के समीकरणों को किस तरह प्रभावित करेगा, यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि दातागंज ने अपने नेता को जन्मदिन पर जो स्नेह और आशीर्वाद दिया है, वह उनकी राजनीतिक यात्रा में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा