उझानी पालिका का दूषित पानी रोकने को क्रमिक अनशन 48 वें दिन भी जारी
उझानी। नगर पालिका का दूषित पानी रोकने को धरना स्थल पर क्रमिक अनशन पर आज 48 वें दिन प्रातः 10:00 बजे मुन्ना लाल जाटव छोटेलाल जाटव, तिलक चंद जाटव गुड्डू जाटव और नेपाल सिंह सोलंकी क्रमिक अनशन पर बैठे ,सांय 5:00 बजे जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुन्नालाल सागर जिला कांग्रेस कमेटी, महासचिव गौरव सिंह राठौर ,जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरपाल सिंह यादव, शहर कांग्रेस कमेटी बदायूं के उपाध्यक्ष रफत अली अली उर्फ अन्ना भाई , ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पूर्व अध्यक्ष लोकेश गौड ने क्रमिक अनशनकारियों को जूस पिलाकर आज का क्रमिक अनशन समाप्त कराया। धरना स्थल पर उपस्थित ग्राम वासियों और कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि 8 अगस्त 1942 को मुंबई के ग्वालियर टैंक मैदान में कांग्रेस के महाधिवेशन में महात्मा गांधी ने भारतीयों को आवाह्न किया था कि अंग्रेजों भारत छोड़ो और एक और नारा दिया था करो मरो आज इस 8 अगस्त की क्रांति दिवस पर हम सब भी करो और मरो के नारे को चरितार्थ करते हुए तय करते हैं कि हम यह आंदोलन अब करो या मरो की स्थिति तक ले जाएंगे। भारत छोड़ो आंदोलन की 84 जयंती पर ग्राम वासियों और कांग्रेसियों ने अमर शहीदों को याद करते हुए संकेतात्मक जय हिंद यात्रा की ग्राम में निकाली और उसके उपरांत राष्ट्रगान किया। धरना स्थल पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुन्नालाल सागर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव गौरव सिंह राठौर , जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरपाल सिंह यादव,शहर कांग्रेस कमेटी बदायूं के उपाध्यक्ष रफत अली उर्फ अन्ना भाई ने भी संबोधित करते हुए कहा कि अभी आंदोलन ग्राम वासियों और कांग्रेसियों के लिए करो और मरो की स्थिति तक पहुंच गया है और जब तक ग्राम वासियों की समस्या का निराकरण नहीं होगा ।
धरना स्थल पर आज योगेंद्र पाल सोलंकी, कमल प्रताप, तेजेंद्र पाल कश्यप, शैलेंद्र कुमार सिंह महेंद्र अर्जुन, छोटेलाल, सोहनलाल, धर्मपाल, महेंद्र पाल, चंद्रपाल, रूम सिंह छोटेलाल, वेदपाल, भगवान सिंह पतिराम, मुन्नालाल कश्यप ,वीरपाल सिंह, सोनू, रोहिताश, सोनपाल बेचेलाल, कन्हैयालाल, झाऊ सिंह आदि सैकड़ो ग्राम वासी उपस्थित रहे।













































































