बरेली। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के फैजुल्लापुर के पास स्थित बंद खेतान फैक्ट्री में बुधवार सुबह वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में आखिरकार वह तेंदुआ कैद हो गया, जो बीते एक महीने से पूरे इलाके में दहशत फैला रहा था। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में एक जिंदा मुर्गी को चारे के रूप में रखा गया था अब पकड़ लिया । अब तेंदुए को उत्तर प्रदेश की बिजनौर सीमा से लगे उत्तराखंड के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों को राहत की सांस प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भंडारी ने बताया कि तेंदुए की दहशत से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई थी। किसान खेतों में नहीं जा पा रहे थे और बच्चों का स्कूल आना-जाना भी मुश्किल हो गया था। तेंदुए की गिरफ्तारी से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। 26 जून को फैजुल्लापुर स्थित बंद खेतान फैक्ट्री में तेंदुए ने वहां तैनात चौकीदार अजय कुमार की गाय पर हमला कर दिया था। अजय कुमार ने साहस दिखाते हुए छत पर चढ़कर तेंदुए का वीडियो बनाया और शोर मचाकर उसे वहां से भगा दिया था। तेंदुए की पकड़ के लिए वन विभाग ने फैक्ट्री परिसर में पहले ही पिंजरे और सीसीटीवी कैमरे लगा दिए थे, पर तेंदुआ हर बार चकमा देकर भाग निकलता था। इसके बाद मेरठ से आए वन्यजीव विशेषज्ञ जी.एस. खुशालिया ने मौके का मुआयना कर एक नई रणनीति बनाई। रेंज अधिकारी के.के. मिश्रा, वनकर्मी अकबर अली और मोहम्मद अशरफ की टीम ने संभावित रास्ते पर एक नया पिंजरा लगाया, जिसमें जिंदा मुर्गी को चारा बनाया गया। बारिश बनी कारण मंगलवार रात हुई बारिश के कारण तेंदुए को संभवतः शिकार नहीं मिल सका। भूख से परेशान होकर वह मुर्गी के लालच में पिंजरे के पास पहुंचा और उसमें कैद हो गया। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्यवाही तेंदुए के कैद होने की सूचना मिलते ही थाना हाफिजगंज प्रभारी पवन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को अपने संरक्षण में लिया और कानूनी औपचारिकताओं के बाद उसे उत्तराखंड के जंगल में छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।