प्रयागराज बवाल: कोई शटर के पीछे छिपा, किसी ने दौड़कर बचाई जान; व्यापारियों ने सुनाया दर्द – नकदी और सामान भी लूट लिया

प्रयागराज। भड़ेवरा बाजार में रविवार दोपहर इकट्ठा हुई भीड़ अचानक उग्र हो गई। जब तक वहां के दुकानदार कुछ समझ पाते, दुकानों में पत्थर बरसने लगे। यह देखकर कुछ दुकानदार शटर बंद कर अंदर छिप गए तो कुछ दुकान छोड़कर भाग खड़े हुए। भीड़ के अचानक हमलावर होने से कई दुकानों के बाहर सजे अपने सामान को भी दुकानदार नहीं हटा पाए।
सब्जी की दुकान लगाने वाले राम खेलावन पाल ने बताया कि वह बाजार में दुकान के बाहर सब्जी बेचते हैं। अचानक हुए घटनाक्रम में वह दुकान छोड़कर चले गए तो उपद्रव करने वाले दुकान का नुकसान करने के साथ ही गल्ले में रखी 10 हजार नकदी भी उठा ले गए। मिठाई की दुकान चलाने वाले सुशील पांडेय ने बताया कि पत्थरबाजी के कारण दुकान के साथ काउंटर क्षतिग्रस्त हो गया है। किसी तरह दुकान के अंदर छिपकर उन्होंने जान बचाई।प्रकाश मिश्र की बुक डिपो, श्याम नारायण मिश्र, दिनेश द्विवेदी, छोटेलाल और रमेश द्विवेदी आदि की दुकानों में भी पत्थरबाजी की गई। सभी ने छिपकर खुद को उपद्रवियों से बचाया।

करछना बवाल में 54 नामजद समेत 604 पर केस दर्ज, 75 गिरफ्तार
प्रयागराज के करछना में हुए बवाल के मामले में 54 नामजद समेत कुल 604 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 75 को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार लोगों में 52 नामजद आरोपी हैं जबकि 23 अन्य आरोपी वह हैं, जिन्हें वीडियो फुटेज से चिह्नित किया गया है।
आरोपियों में भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल
आरोपियों में भीम आर्मी के करछना तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। इससे पहले पांच थाना क्षेत्रों के 18 गांवों में रात भर चली कार्रवाई के दौरान आरोपियों को धरपकड़ में पुलिस जुटी रही।
करछना थाना प्रभारी अनूप सरोज की ओर से सोमवार की सुबह सात बजे करछना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह पूरा बवाल षडयंत्र के तहत कराया गया। भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने जमा की भीड़ भीम आर्मी यमुनापार के करछना तहसील अध्यक्ष अभय सिंह उर्फ सोनू और तहसील उपाध्यक्ष प्रतीक देव वर्मन ने अन्य साजिशकर्ताओं संग मिलकर लगभग 600 उपद्रवियों को भड़ेवरा बाजार चौराहे पर एकत्रित किया। फिर रामपुर से कोहड़ार जाने वाले एनएच 35 पर जाम लगा दिया। समझाने पर उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर हमला किया और राहगीरों के साथ मारपीट करते हुए उनके वाहनों के साथ ही पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। वीडियो और सीसीटीवी की फुटेज की उपद्रवियों की पहचान
कई दोपहिया वाहनों में आग भी लगा दी गई। इससे पहले पुलिस ने देर रात तक वीडियो व सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की उपद्रवियों की पड़ताल की। स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए बवाल में शामिल 52 लोगों को चिह्नित किया गया।