उझानी। गर्मी और उमस के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने उझानी के नागरिकों को रुलाना शुरू कर दिया है। रोजाना छह से आठ घंटे की कटौती की जा रही है, जिसकी वजह से नागरिक तो परेशान हैं ही, साथ में कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। हालात ये है कि किसी भी रोज क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट सकता है। वहीं, विभागीय अभियंता रोस्टर के अनुसार और फाल्ट ठीक करने के लिए कटौती करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। बिजली उपकेंद्र से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों को सप्लाई होती है। कस्बे को लगभग 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं है। प्रत्येक दिन कस्बे में 24 घंटे के भीतर चार से पांच घंटे की कटौती कर दी जाती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में छह से आठ घंटे की अघोषित कटौती हो रहीं है। खासकर रात और दोपहर के समय बत्ती गुल होती है। ऐसे में समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। यह भी कह सकते हैं कि बिजली के कट जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। किसी भी वक्त बिजली जाने से भीषण गर्मी में लोग बिलबिला उठते हैं। बच्चों और बुजुर्गों की तो हालत खराब हो जाती है। किसी रोज सुबह बिजली नहीं आई तो पानी के लिए भी हाहाकार मच जाता है। वहीं, बिजली के अभाव में इलेक्ट्रिक से जुड़े कारोबारी भी परेशान हो रहे हैं। बिजली के अभाव में गर्मी के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। व्यवस्था कब दुरुस्त की जाएगी, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है !