बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने केंद्र सरकार के 11 साल पूरे होने पर प्रेस को जारी किए गए बयान में कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 11 साल मुकम्मल कर लेने पर मुबारकबाद पेश करता हूं। केंद्र द्वारा जारी की गई योजनाओं से सभी समुदाय के लोगों को फायदा पहुंचा है, योजनाओं में किसी तरह से भेदभाव नहीं किया गया, कुछ योजनाएं तो पहली बार शुरू हुई जिसकी सराहना विष्व स्तर पर की जा रही है। मौलाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के गत वर्षों के दस साल के शासन काल मे हिंदू – मुस्लिम की घटनाएं बहुत कम हुई है, मगर तीसरे कार्यकाल के पहले साल में बड़ी तेजी से हिंदू और मुसलमानो के दरमियान नफरत का माहौल बड़ा है। देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यकों के साथ हिंसक घटनाएं हुई हैं, मगर मैं इन हिंसक घटनाओं की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री के सर नहीं डालता , बल्कि इसके जिम्मेदार वो छोटे छोटे संगठन है जो आए दिन उत्पाद मचाते हैं। मोदी जी को इन तमाम चिंजो पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मौलाना ने आगे कहा कि मुसलमान और भारत सरकार के दरमियान डायलॉग यानी बात चीत का सिलसिला बंद हैं, इसी वजह से दुरिया बड़ी और आपसी स्वहारथ में कड़वाहट आई , इसको दुरुस्त करने के लिए प्रधानमंत्री को अपने बंद दरवाजे खोलना होंगे, मुसलमानो से बातचीत करना होगी। इसी के साथ मैं तमाम मुसलमानो से गुजारिश करूंगा कि वो लोग भी दुश्मनी छोड़कर दोस्ती का हाथ बढ़ाए, किसी व्यक्ति या सरकार से बहुत दिनों तक टकराव की पौलिसी पर अमल करना तरक्की व कामयाबी में बाधा है, इसलिए अब दुश्मनी छोड़कर दोस्ती करें, ताकि देश में अल्पसंख्यकों के हितों के लिए कुछ बेहतर हो सकें।