सड़क पर तिरंगा यात्रा: ऑपरेशन सिंदूर को काशी का सलाम, गलियों में गूंजा-जय हिंद, जय भारत

वाराणसी। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह कर भारतीय शौर्य का लोहा मनवाने वाले सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को शनिवार को काशी ने सलाम किया। जनपद स्तर पर विशाल भारत शौर्य तिरंगा यात्रा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गेट नंबर 2 से शुरू होकर गेट नंबर 3 से निकलकर सरदार पटेल चौराहा, मलदहिया, लहुराबीर होते हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान पर पहुंची। विशाल तिरंगा यात्रा को भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के खेल मैदान से झंडी दिखाकर रवाना किया। वरिष्ठ भाजपा नेता महेश चंद्र श्रीवास्तव ने टीम के साथ तिरंगा यात्रा का स्वागत किया और पूरी यात्रा में शामिल रहे।वहीं, श्रीवल्लभ युवक परिषद की ओर से अध्यक्ष लोकेश गुप्ता, मंत्री प्रदीप कुमार, कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट रोशन गुजराती ने स्वागत किया।तिरंगा यात्रा के दाैरान लोग अपनी-अपनी छतों से इस विहंगम नजारे की वीडियो बना रहे थे। बच्चे वहीं से सलामी दे रहे थे।तिरंगा यात्रा में शामिल लोग जहां एक ओर हाथों में तिरंगा लहरा रहे थे वही विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं 250-250 मीटर लंबे तिरंगे को हाथों में लिए भारत माता की जय जयकार लगाते चल रहे थे। यात्रा में डिप्टी सीएम भी साथ में चल रहे थे। यात्रा मलदहिया चौराहे पर पहुंची तो उन्होंने यहां स्थित भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा व लहुराबीर स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित कर भारत की एकता और अखंडता का संकल्प दिलाया और चंद्रशेखर आजाद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यह संकल्प लिया गया है कि भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है, भारत विजेता है और उन्होंने भारतीय सेना को बधाई दी।तिरंगा यात्रा के प्रति काशीवासियों में जबरदस्त उत्साह दिखा। विद्यालय के छात्र, छात्राएं, महिलाएं, एनसीसी के कैडेट, पूर्व सैनिक, सामाजिक संस्थाओं के लोग, विभिन्न व्यापार मंडल के साथ ही खाद्य व्यापार मंडल के लोग, काशी में रहने वाले विभिन्न भाषा-भाषी समाज के लोग अपनी परंपरागत वेषभूषा में तिरंगा लिए भारत माता की जय, वंदे मातरम, का गगनभेदी उद्घोष कर रहे थे। तिरंगा यात्रा में सबसे आगे महिलाएं, महिला स्वयंसेवी संगठन, विभिन्न धार्मिक आध्यात्मिक समूहों के लोग, अल्पसंख्यक समूह के लोग, डॉक्टर, अधिवक्ता, सीए, शिक्षक आदि समूह के लोग थे। इसके बाद आईटीआई एवं उच्च शिक्षा संघ के छात्र एवं स्टाफ तत्पश्चात एनसीसी, भारत स्काउट गाइड व एनएसएस के छात्र थे। उसके पीछे एनडीआरएफ, 39 जीटीसी, सीआरपीएफ, पीएससी, पुलिस बैंड, पैरामिलिट्री फोर्स के एक एक बैंड एवं बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक भी थे। इसके बाद शहर के विभिन्न एसोसिएशन लायंस क्लब, सिविल डिफेंस, रेड क्रॉस नव युवक मंगलदल, नेहरू युवा केंद्र के सदस्य, पूर्व सैनिक, विभिन्न खेलों के खिलाड़ी, आईआईएमए के सदस्य थे। इसके पीछे सफाई मित्र, कोटेदार एवं सिविल डिफेंस के लोग थे।