प्रदेश के ग्राम पंचायतो में ग्राम सचिवालय की स्थापना एवं संचालन से मिल रहा ग्रामवासियों को लाभ

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बदायूँ। पंचायती राज व्यवस्था (उ०प्र०) में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, और जिला पंचायत आते हैं। पंचायती राज व्यवस्था आम ग्रामीण जनता की लोकतंत्र में प्रभावी भागीदारी का सशक्त माध्यम है। 73वां संविधान संशोधन अधिनियम के लागू होते ही प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के पंचायत राज अधिनियमों अर्थात् उ.प्र. पंचायत राज अधिनियम-1947 एवम् उ.प्र. क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961 में अपेक्षित संशोधन कर संवैधानिक व्यवस्था को मूर्तरूप दिया गया। 73वें संविधान संशोधन के उपरान्त पंचायती राज संस्थाओं को 29 विषयों पर कार्य कराने का अधिकार प्रदान किया गया। प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से अथवा ग्राम पंचायतों के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही, इस हेतु यह आवश्यक था कि ग्राम पंचायतों एवं उनको सौंपे गये दायित्वों को संचालित तथा क्रियान्वित किये जाने हेतु उनका एक कार्यालय हो। यह देखा गया कि वर्ष 2021 तक कुल 58,189 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष मात्र 33,577 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्मित थे जिसमें से कई पंचायत भवन उपयोग न होने के कारण जीर्ण-शीर्ण अथवा क्षत्रिग्रस्त हो गये थे। इस प्रकार कुल 24,612 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन उपलब्ध नहीं था। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में गाँवों और ग्रामवासियों का तेजी से विकास हो रहा है। जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं थे, उनमें पंचायत भवन का निर्माण कराया गया तथा जहाँ पंचायत भवन निर्मित है उनका आवश्यकतानुसार मरम्मत व विस्तार कराकर कार्यालय के रूप में रूप स्थापित किया गया। सरकार ने ग्राम पंचायतों के कार्यालय का नामकरण ‘‘ग्राम सचिवालय’’ किया है। ग्राम पंचायतों में निर्मित लगभग 33,000 पंचायत भवनों का जीर्णाेद्धार/मरम्मत कराया गया तथा लगभग 23,916 ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन निर्माण कराकर ग्राम सचिवालय स्थापित किया गया। प्रदेश सरकार ने ग्राम सचिवालय संचालन हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पंचायत सहायक/एकाउन्टेन्ट कम डाटा इण्ट्री आपरेटर की तैनाती की कार्यवाही की है, जोकि कार्यालय अवधि में संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में उपस्थित रहते है। ग्राम सचिवालय को कार्यालय के रूप में विकसित किये जाने हेतु ग्राम सचिवालय में कार्यालय उपकरण यथा कम्प्यूटर, प्रिन्टर, इण्टरनेट, कुर्सी, मेज इत्यादि की भी व्यवस्था कराई गई। जिससे कार्यालय कार्यों में कोई बाधा न आये। ग्राम सचिवालय की स्थापना में ग्राम प्रधानों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है तथा प्रदेश में कई ग्राम सचिवालय ऐसे स्थापित कराये गये है जो देखने में सुन्दर एवं सुसज्जित है। ग्राम सचिवालय कार्यालय अवधि में खुले, यह सुनिश्चित करने हेतु पंचायत सहायक/एकाउन्टेन्ट कम डाटा इण्ट्री आपरेटर की आनलाईन उपस्थिति भी कराई जा रही है तथा ग्राम पंचायतों से सीधा संवाद स्थापित करने एवं पंचायत सहायक/एकाउन्टेन्ट कम डाटा इण्ट्री आपरेटर/सचिव/ग्राम प्रधान की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य स्तर पर एक कॉल सेन्टर स्थापित किया गया है। ग्राम सचिवालयों को प्रभावी रूप से क्रियाशील बनाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा यह अनिवार्य किया गया कि समस्त पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज तथा पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से ऑनलाईन भुगतान ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर सिस्टम एवं इण्टरनेट के माध्यम से ही किया जा रहा है। जिसके अनुश्रवण हेतु पंचायत गेटवे पोर्टल की व्यवस्था की गई जिसमें पंचायत गेट-वे पोर्टल ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर में इंस्टाल कराया गया तथा इसी पोर्टल के माध्यम से ई-ग्राम स्वराज/पी०एफ०एम०एस० वेबसाईट पर जाकर भुगतान किये जाने का प्राविधान किया गया है, जिससे ग्राम पंचायतों द्वारा किये जा रहे भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
इसके उक्त के अतिरिक्त ग्राम सचिवालयों में जनसेवा केन्द्र स्थापित किये जाने की कार्यवाही की गई जिसमें कुल 243 जनसेवाओं यथा आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र इत्यादि को ग्रामीण जनों को प्रदान किया जाता है जिसका उद्देश्य यह था कि ग्रामीणजनों को विकास खण्ड/जनपद स्तर पर न जाना पड़ें एवं यह सुविधाएं उन्हें अपनी ग्राम पंचायत पर ही उपलब्ध हो जाये। ग्राम सचिवालयों में तैनात पंचायत सहायक/एकाउन्टेन्ट कम डाटा इण्ट्री आपरेटर से योजनाओं के संचालन में अपनी महती भूमिका अदा कर रहे है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा०) में पंचायत सहायक द्वारा व्यक्तिगत शौचालय के लाभार्थियों का ऑनलाईन फार्म भरा जा रहा है तथा रेट्रोफिटिंग सर्वे, ओ0डी0एफ0 प्लस के कार्यों का सत्यापन/रिर्पाेटिंग, अर्न्त्तवैयक्तिक संप्रेषण, प्रचार प्रसार, कार्ययोजना में सहायता इत्यादि कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने में सहायता की जा रही है। ग्राम सचिवालयों के कारण ही आज प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के साथ नवीन संचार माध्यमों से एक साथ वी०सी० करके उनसे संवाद स्थापित कर प्रदेश सरकार की मंशा व्यक्त की जा रही है। वर्तमान में सभी ग्राम प्रधानों, सचिवों, ग्राम पंचायत के सदस्यों, पंचायत सहायक तथा ग्रामीणजनों तक प्रदेश सरकार के संदेश त्वरित गति से प्रसारित हो रहे है एवं उनका क्रियान्वयन भी त्वरित गति से प्रारम्भ हो जाता है। ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों की स्थापना करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता तथा निर्बाध जनसेवाओं को सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया।

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