कोरोना नियम में सांकेतिक तिरूपति वेंकटेश्वर मंदिर का वार्षिकोत्सव मनाया

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बरेली। कोरोना के चलते कोविड नियमों का सख्ती से पालन करते हुए पटेल नगर स्थ्ति श्री तिरूपति वेंकटेश्वर मंदिर मे आज 51वां वार्षिकोत्सव सांकेतिक तरीके से मनाया गया। पिछले सालों की तरह भक्तों का रेला तो नहीं उमड़ा लेकिन मंदिर के मुख्य पुजारी मध्यम कुमार और सेवादारों ने पूरे विधि विधान से भगवान वेकटेश्वर की पूजा तथा हवन आदि सम्पन्न कराए । मंदिर के ट्रस्टी डा. एपी सिंह, श्रीमती गायत्री ए सिंह ने बताया कि कोरोना खत्म होने के बाद स्वर्ण जयंती समारोह धूमधाम से मनाने का प्रबंधन कमेटी ने फैसला लिया है।

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मंदिर मे पूजा का कार्यक्रम सुबह छ बजे शुरू सुप्रभातम् मंत्रोच्चार के जरिये देव प्रतिमाओ को जगाया गया। इसके बाद पुजारियो ने सभी देव प्रतिमाओ को घी, दही, शहद और गंगाजल आदि से स्नान कराया। सभी देव प्रतिमाओ का श्रृंगार किया गया। मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर की मुख्य प्रतिमा के समक्ष यज्ञ कर विश्व कल्याण और भक्तो की मनोकामनाओ की पूर्ति की प्रार्थना की गई। इसके बाद मंदिर में पूजा , अर्चना और आरती आयोजनो के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कोरोना की पाबंदियों के कारण सांयकालीन पूजा को संक्षिप्त करते हुए सिर्फ आरती का आयोजन किया गया।


मंदिर के पुजारी मध्यम कुमार पाण्डेय ने बताया कि देश के तीर्थ स्थलो में तमिलनाडु की सीमा पर बसे आंध्र प्रदेश के तिरूपति का बहुत ज्यादा महत्व है। पौराणिक मान्यताओ के अनुसार भगवान विष्णु पृथ्वी पर कभी इसी स्थान पर आए थे। यहॉ तिरूमाला की पहाड़ियों पर भगवान वेंकटेश्वर (भगवान विष्णु) की स्वंमभू प्रतिमा है। इसके दर्शन मात्र से मानव का कल्याण हो जाता है। उत्तर प्रदेश मे भगवान वेंकटेश्वर के गिने चुने मंदिर है जिनमे यह मंदिर भी शामिल है। इसकी स्थापना 46 साल पहले यहॉ बसे दक्षिण भारत मूल के लोगो ने करायी थी। इस लिए मंदिर का वास्तु शिल्प भी दक्षिण शेली का है। मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के अलावा श्री गणपति, अण्डाल देवी , पद्मावती देवी, दुर्गा माता, राधा कृष्ण, भोलेनाथ, बजरंगबली, शनि देवता के मंदिर भी इसी मंदिर परिसर के अंदर बने हैं।

इस क्षेत्र का यह अकेला ऐसा मंदिर है जहॉ उत्तर और दक्षिण भारतीय दोनो मिलजुल कर पूजा पाठ और आराधना करते है। डॉ ए पी सिंह उनकी पत्नी मालती दलाल ट्रस्ट की चेयरपर्सन गायत्री सिंह , निर्भय सक्सेना शंकर दास, रवि सक्सेना, बलराज अरोरा, आर ए शर्मा आदि भक्तगण उपस्थित रहे।।

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