मातृ दिवस पर साहित्य परिषद ने की गोष्ठी, निकाली तिरंगा यात्रा
बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रान्त बरेली के तत्वावधान में मातृ दिवस पर एक विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि मां सृष्टि की सबसे अनूठी कृति है । बह बच्चे के मस्तिष्क रूपी कोरे कैनवास को जीवन के विविध रंगो से भरती है । मां पृथ्वी पर भगवान की सच्ची प्रतिनिधि होती है । बह ममता, वात्सल्य और स्नेह की साकार प्रतिमूर्ति होती है । वरिष्ठ साहित्यकार निरुपमा अग्रवाल के प्रभात नगर स्थित आवास पर प्रांतीय प्रचार मन्त्री प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि हमारी संस्कृति में जननी जन्म भूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी की अवधारणा है । मां का समाज में सर्वोच्च स्थान है । विश्व की अन्य संस्कृतियों ने मां की महत्ता हमारी संस्कृति से ही सीखी है । जनपदीय उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने कहा कि मां के आंचल में प्रेम दुलार और ममता पलती है । समाज सेवी गुरविंदर सिंह, छोटे लाल गंगवार और प्रोफेसर विनीता सिंह ने भी मां की महिमा पर प्रकाश डाला । इस अवसर गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने मां की महिमा से जुड़ी मार्मिक रचनाएं प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया । लोंगों की आंखों की कोरें नम हो गईं । काव्य पाठ करने बालों में प्रोफेसर एस.पी . मौर्य, उमेश चन्द्र गुप्ता, निरुपमा अग्रवाल, ब्रजेश कुमार शर्मा, डाॅ अखिलेश कुमार गुप्ता, प्रवीण कुमार शर्मा, मोहन चन्द्र पाण्डेय, अमरजीत सिंह, राज वाला धैर्य, एस .के कपूर, रोहित राकेश, निर्दोष कुमार विन, सतीश चंद्र पाण्डेय, अनुराग उपाध्याय, डाॅ रवि प्रकाश शर्मा एवं अंशुमान सिसोदिया शामिल रहे । कार्यक्रम का सफल संचालन निरुपमा अग्रवाल ने किया । डाॅ विनीता सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपदीय संरक्षक प्रोफेसर के. ए. वार्ष्णेय ने की । कार्यक्रम के अंत में भारतीय सेना का मनोबल एवं हौंसला बढ़ाने के लिए कार्यक्रम स्थल से प्रभात नगर पार्क तक तिरंगा यात्रा निकाली गई । सभी लोग हाथों में तिरंगा लिए हुए भारत माता की जय, वन्देमातरम, भारतीय सेना अजेय रहे और भारतीय सैनिक जिन्दाबाद के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे । पूरा वातावरण देशभक्ति के रंगों से सराबोर हो गया ।
निर्भय सक्सेना













































































