बरेली। एफ आर इस्लामिया इंटर कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य तौकीर सिद्दीकी ने कहा कि मौजूदा वक़्त में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल व्यवसाय और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों में आम हो गया है। लोग अपने जीवन को आसान बनाने के लिए हर दिन एआई का उपयोग कर रहे हैं। कंपनियाँ अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने, लाभ और हानि का अनुमान लगाने और रखरखाव का अनुमान लगाने के लिए इसका उपयोग करती हैं। भौतिक विज्ञान प्रवक्ता फरहान अहमद ने छात्रों को एआई के फायदे और नुकसान बताए। सभी व्यवसायों को अपने मॉडल में इसे अपनाने की बहुत ज़रूरत है, नहीं तो पीछे छूट जाने का जोखिम है। इसे लागू करने से व्यवसाय का परिणाम तेज़ी और अधिक सटीकता के साथ प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। साथ ही मनुष्यों के लिए जोखिम भी कम हो जाता है। काम को सुव्यवस्थित करना, समय की बचत करना, पक्षपात को खत्म करना और दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करना इसके फायदे हैं। इसे लागू करना, संभावित नौकरी का नुकसान, भावना और रचनात्मकता की कमी इसके नुकसान हैं। ख़ास तौर पर इसमें विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए मजेदार और सार्थक तरीके से जुड़ने में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है। कार्यक्रम में मोहम्मद समीर, देव कुमार, मोहम्मद काशान सहित सभी छात्र उपस्थित रहे।