बरेली । अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में रविवार को स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन शील ग्रुप के सिटी कार्यालय में किया गया । गोष्ठी की अध्यक्षता शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक वीरेन्द्र सिंह गंगवार ने की । साहित्य परिषद ब्रज प्रान्त के अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने मात्र पच्चीस बर्ष की उम्र में गेरुए बस्त्र धारण कर लिए थे और सन्यासी बन गए थे । तीस बर्ष की अवस्था में उन्हे सन् 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित होने बाले विश्व धर्म सम्मेलन को संबोधित करने का अवसर मिला । इस सम्मेलन के माध्यम से उन्होने भारतीय संस्कृति की कीर्ति पताका को पूरे विश्व में फहराया । उन्होने युवाओं को उतिष्ठ जाग्रत का संदेश दिया । इसलिए उन्हे युवाओं का प्रेरणास्रोत माना जाता है ।लोकतंत्र सेनानी विनोद कुमार गुप्ता ने विवेकानन्द को भारत का एक महान व्यक्तित्व बताया । उन्होने विवेकानन्द मैमोरियल राॅक का विस्तार से वर्णन किया । ख्यातिलब्ध आर्य समाज विद्वान डाॅ श्वेत केतु शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने आचरण की पवित्रता पर बल दिया ।उन्होने कहा कि विवेकानन्द के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं । अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में डाॅ वीरेन्द्र सिंह गंगवार ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को विवेकानन्द के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए । जिससे बे विवेकानन्द के सपनों के भारत का निर्माण कर सकें । गोष्ठी में डाॅ अखिलेश कुमार गुप्ता विमलेश चन्द्र दीक्षित ,प्रवीण कुमार शर्मा , रमेश राजपूत, रमेश रंजन ,रितेश साहनी और बीरेश शर्मा ने भी विचार ब्यक्त किए । विचार गोष्ठी का सफल संचालन डाॅ अखिलेश कुमार गुप्ता ने किया । जनपदीय मंत्री विमलेश दीक्षित ने सभी का आभार व्यक्त किया ।