नकटिया नदी के किनारे अवैध कालोनी के निर्माण पर बीडीए ने की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

बरेली। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा थाना बिथरी चैनपुर डोहरा रोड नकटिया नदी के किनारे अवैध कालोनी के निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। जीशान पुत्र मोहम्मद अयूब, अली हुसैन पुत्र सिदद्कि हुसैन, ताजीम पुत्र नयाब मियॉ द्वारा थाना बिथरी चैनपुर डोहरा रोड नकटिया नदी के किनारे लगभग 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के सड़क, मिट्टी भराई व भूखण्डों का चिन्हांकन आदि का कार्य करते हुए अवैध कालोनी का निर्माण , विकास कार्य कराया जा रहा था।
अवैध कालोनी के विरूद्ध उप्र नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की सुंसगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए प्राधिकरण के अवर अभियन्तागण रमन अग्रवाल, अजीत साहनी, सीताराम एवं सहायक अभियन्ता सुनील कुमार आदि एवं प्रवर्तन टीम के द्वारा शुक्रवार को अवैध कालोनी के विरूद्व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी। उक्त कार्यावाही के समय उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण स्वयं उपस्थित रहें। उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा सिचाईं विभाग एवं खनन विभाग के अधिकारियांे को इस आशय से पत्र प्रेषित किया जा रहा है कि सम्बंधित निर्माणकर्ताओं द्वारा बिना अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किये हुए नदी का अवैध पटान आदि करने के सम्बन्ध में नियमानुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट आदि दर्ज कराये जाने की कार्यवाही करने का कष्ट करें। सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उ0प्र0 नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के प्राविधानों के अन्तर्गत किसी भी व्यक्ति द्वारा निर्माण/प्लाटिंग करने से पूर्व बरेली विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। बिना मानचित्र स्वीकृत कराये प्लाटिंग करना या भवन निर्माण करना पूरी तरह से अवैध है। बिना मानचित्र स्वीकृत कराये किये गये विकास/निर्माण का ध्वस्तीकरण प्राधिकरण द्वारा किया जा सकता है इसके लिए भवन/भूखण्ड के क्रेताओं को सलाह दी जाती है कि भविष्य में किसी भी परेशानी से बचने के लिए भवन/भूखण्ड क्रय करने से पूर्व उसकी मानचित्र स्वीकृति सम्बन्धी जानकारी प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त कर लें तथा मानचित्र स्वीकृत न होने की स्थिति में खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। अन्यथा की दशा में प्राधिकरण द्वारा उ0प्र0 नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही की जायेगी, जिसका समस्त उत्तरदायित्व निर्माणकर्ताओं का स्वयं का होगा।