शान-ओ-शौकत से निकाला गया महान नगर कीर्तन
बरेली। गुरू गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुवार खालसा पंथ सुखमनी सेवा सोसाइटी की ओर से महान नगर कीर्तन गुरुद्वारा कोहाङापीर से दोपहर निकाला गया। जिसकी समाप्ती सायं 8 बजे गुरुद्वारा गुरू गोबिंद सिंघ नगर माडल टाउन पर हुई। नगर में कीर्तन पंज पिआरों की अगुआई एवं गुरू ग्रंथ साहिब की छत्र छाया रही। नगर कीर्तन में स्कूली बच्चे, गुरू नानक देव रिक्खी सिंघ गर्ल्स इंटर कालिज, गुरू गोबिंद सिंघ इंटर कालिज, गुरू नानक कन्या जूनियर हाई स्कूल, खालसा इंटर कालिज, श्री गुरू हरि कृष्ण पब्लिक स्कूल, माता सीता देवी पब्लिक स्कूल, स्त्री सत्संग सभाएँ, जत्थेबंदियां, अखंड कीर्तन जत्था, सिक्ख सेवक जत्था, सिक्ख मिशनरी कालिज, गुरू सेवक कीर्तनी जत्था सभा सोसाइटियों के अतिरिक्त रंजीत नगाङा, श्री अमृतसर साहिब से नरसिंघा, पटियाला का मशहूर पाइप बैंड, तरनतारन साहिब से निशाने खालसा गतका पार्टी शामिल हुए ।

गुरू ग्रंथ साहिब को नानकमत्ता साहिब से आए विशेष वाहन में विराजमान कराया गया, गुरू के ग्रंथी उन पर चवर कर रहे थे। संगत गुरुबाणी कीर्तन गायन कर रही थी। आगे पांच निशानची, पांच पिआरे घोड़ों पर सवार थे। गुरू की संगत झाड़ू लगा कर पानी छिड़काव कर फ़ूलों को आगे आगे बिखरते हुए चल रही थी। संगत ने नीली एवं केसरी पगड़ी व केसरी दुपट्टे पहन कर खालसायी माहौल बना रहे थे। तरनतारन साहिब से आए निशान ए खालसा गतका ग्रुप पुरातन युद्ध शैली के हैरतअंगेज प्रदर्शन करते चल रहे थे। चित्र प्रदर्शनी सिक्ख इतिहास का वर्णन कर रही थी। ट्रॉलियों पर संगत एवं शब्दी जत्थे शबद कीर्तन कर रहे थे। गुरू साहिब की पालकी साहिब के पीछे संगत जोशीला एवं वीर रस का कीर्तन रही थी । नगर कीर्तन प्रेम नगर, गुरुद्वारा जनकपुरी डी डी पुरम होता हुआ रात 8 बजे गुरुद्वारा गुरू गोबिंद सिंघ नगर पर समाप्त हुआ, जहां गुरू का अटूट लंगर संगत ने ग्रहण किया। पूरे रास्ते में गुरुबाणी की पँक्तियों के बैनर सिक्ख सिद्धांतों की शोभा बढ़ा रहे थे। रास्ते में जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत विभिन्न संगठनों ने किया। जगह जगह सभा सोसाइटियों ने विभिन्न प्रकार के प्रसाद वितरित किए। पूरे इलाके की संगत ने नगर कीर्तन का आनन्द लिया। नगर कीर्तन का आयोजन खालसा पंथ सुखमनी सेवा सोसाइटी द्वारा किया गया। परमजीत सिंघ, परमिंदर सिंघ,राजेश साहनी, एम. पी. सिंघ, त्रिलोचन सिंघ, हरनाम सिंघ, गुरदीप सिंघ, अमरजीत सिंघ, अमनदीप सिंघ, राणा प्रताप सिंघ, गुरवेज सिंघ, राजिंदर सिंघ, विक्की बग्गा, रवीन्दरपाल सिंघ, आदि का विशेष सहयोग रहा। अलौकिक कीर्तन दरबार का आयोजन 5 जनवरी रात्री में गुरुद्वारा गुरू नानक सत्संग सभा कोहाङापीर पर आयोजित किया जाएगा जिसमें देश के प्रसिद्ध रागी एवं प्रचारक पहुंच रहे हैं।मुख्य दीवान 6 जनवरी को सुबह 7 बजे से दोपहर बाद 3.30 बजे बिशप मण्डल इंटर कालिज में होगा । गुरू का लंगर अटूट बांटा जाएगा।













































































