अविरल गंगा और निर्मल गंगा के लिये रामकथा का आयोजन

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बरेली। भारत की प्रमुख और पवित्र नदियों के प्रदूषित होने, सहायक छोटी-छोटी नदियों और तालाबों के विलुप्त होने की घटनाओं की ओर आम जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए तथा भविष्य के जल संकट के प्रति आगाह करने के उद्देश्य से बरेली के श्री हरि मंदिर, मॉडल टाउन में गुरुवार 3 अक्टूबर से शुरू हो रही है पांच दिवसीय श्री राम कथा। कथा आयोजन संबंधित जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में उपस्थित पदाधिकारियों ने बताया कि सरस श्री रामकथा गायन के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा व्यास प्रेममूर्ति पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज के श्रीमुख से कथा का श्रवण करने के लिए कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य बरेली की जनता को भविष्य की जल समस्या से अवगत कराना भी है। आज भारत के कई नगर जल संकट की समस्या से जूझ रहे हैं। और अगर हम सिगरेट इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो बरेली जैसे छोटे-छोटे शहर भी ऐसी समस्याओं की चपेट में आ जाएंगे। श्री राम कथा गंगा में स्नान करते करते हम यह भी सीख सकेंगे कि हमें इस जल संकट की समस्या का कैसे मुकाबला करना है। प्रेसवार्ता को सम्बोधित करने वालों में राजेश कुमार राष्ट्रीय आयाम प्रमुख सहायक नदी गंगा समग्र , रवि छाबड़ा सचिव हरि मंदिर मॉडल टाउन, अश्विनी ओबरॉय डायरेक्टर प्रबंधन समिति हरि मंदिर मॉडल टाउन, सुशील अरोड़ा उपाध्यक्ष हरि मंदिर मॉडल टाउन , डॉ रविशंकर सिंह चौहान प्रांत संयोजक गंगा समग्र ब्रज, अमित शर्मा भाग संयोजक गंगा समग्र और अखिलेश सिंह महानगर संयोजक गंगा समग्र सम्मिलित थे। पूज्य महाराजश्री का संक्षिप्त परिचय श्री रामकथा गायन के लिए जगत प्रसिद्ध प्रातः स्मरणीय प्रेममूर्ति पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज ने कानपुर से परम्परागत तौर पर उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद सनातन धर्म और संस्कृति की सेवा का माध्यम चुनने और अपने लिए तपस्थली के चयन के लिए 1992 में श्री अयोध्या धाम का आश्रय लिया और वहीं के होकर रह गए। पूज्यश्री के अनुसार भारतीय सनातन धर्म और संस्कृति के मानवीय मूल्यों को रेखांकित और परिपुष्ट करने वाले सनातन सद्ग्रन्थ श्री रामचरित मानस में लगभग सभी सनातन सदग्रन्थों का सार समाहित है। आपने इस मानवोपयोगी सद्ग्रन्थ के सरस गायन से समाज को धर्माचरण के लिये निरंतर प्रेरित करने का एकल अभियान शुरू किया और भगत लोग जुड़ते चले गए। पूज्यश्री पर अपनी सतत ममता रखने वाले संत समाज ने बड़े आदर के साथ आपको प्रेममूर्ति के अलंकरण से विभूषित किया है। पूज्यश्री के श्रीमुख से श्रीराम कथा गंगा की अविरल धारा लगभग तीन दशकों से निरंतर प्रवाहित हो रही है। यह राघव सरकार की असीम अनुकम्पा ही है कि व्यासपीठ से आपका मार्गदर्शन पाकर अब तक देश-विदेश के करोड़ों कथा प्रेमी उपकृत हो चुके हैं और अभी भी यह क्रम जारी है।
महाराज श्री ने स्वयं दर्जनों भजन लिखे, सैकड़ों वर्ष से जनमानस के बीच रह कर भी विलुप्त हो रहे सैकड़ों भजनों को सुर में साध कर उन्हें पुनर्जीवित किया और साथ ही साथ हजारों नए भजनों को भी अपने सुमधुर स्वर से जीवंत कर दिया है। विज्ञान के साधनों के माध्यम से आज दुनिया के 150 से भी अधिक देशों में करोड़ों लोग पूज्यश्री से जुड़े हैं और यह संख्या निरन्तर बढ़ती जा रही है। यूट्यूब पर पूज्यश्री को अबतक 15 करोड़ से अधिक लोग सुन चुके हैं। कई सुख्यात चिकित्सक दावा करते हैं कि पूज्यश्री के प्रवचनों और भजनों को सुनने वाले रोगी अल्प अवधि में ही रोगमुक्त हो जाते हैं।

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