बदायूँ में जन्माष्टमी पर प्रतिबंध के बावजूद गांव-गांव नर्तकियों के डांस की तैयारियां
बदायूं। जन्माष्टमी त्यौहार पर कार्यक्रमों एवं नर्तकीयों को नचाने का आयोजन को इस बार भी शासन से अनुमति नहीं मिल सकी है। लेकिन ऐसे में कई गांवों के मेला कमेटी के लोग नर्तकीयो को नचाने व डांस पार्टी कराने में कमर कसे बैठे हुए हैं। कहीं किसी गांव में राजनीतिक नेताओं की ताकत भी लगाई जा रही है। तो किसी गांव में थाने औऱ पुलिस चौकी के दरोगा व सिपाहियों को पटाने की कोशिश की जा रही है किसी गांवों में नर्तकीयों को नचाने के लिए अनुमति के लिए प्रयास किए जा रहे है। कई गांवों के मेला कमेटी के लोगों को पुलिस ने सूचीबध करना शुरू भी कर दिया है। ताकि किसी भी तरह का आयोजन नही होने पाए। और किसी प्रकार का झगड़ा ना हो एवं भीड़ भी जुट न पाए। जैसे सदर तहसील के थाना कुंवर गांव क्षेत्र के गांव बावट में नर्तकीयो को नचाने का प्रयास किया जा रहा है। हर साल सबसे पहले नर्तकीयों को नचाने का आयोजन बावट से शुरुआत की जाती है।और जैसे, सदर तहसील बदायूं के गांवों बरातेगदार, गुलड़िया, सिलहरी, इन गांवों में काफी जोर-शोर से नर्तकीयों को नचाने के लिए एक माह पहले से तैयारीयां चल रहीं हैं। जबकि इस बार भी अनुमति नहीं मिली है।

और पिछले वर्ष भी अनुमति नहीं दी गई थी। जबकि इस बार भी आयोजकों ने अपने स्तर से बिसौली, रायपुरा, रमपुरिया, पथरामोड़,चंदौसी, कासगंज, मुरादाबाद,शाहजहांपुर,बिशनपुरगलगईया,इन आदि जिलों से नर्तकीयो को बुक करके गांवों में बुलाने औऱ नर्तकीयो को नचाने के लिए पूरी तैयारीयां चल रही हैं। मेला कमेटी के लोग गांव में घूम कर प्रत्येक घरों सें रूपए भी एकत्रित कर रहे हैं। जिससे नर्तकीयों के लिए अभी से बुक किया जा सके। नर्तकीयों के अश्लील ठुमकों पर दारू के नशे में चूर होकर रुपयों की बरसात कर सके।दो दिन के मनोरंजन के साथ इनकम भी करी जा सके । गांव वालों की तैयारियां देखकर प्रशासन ने अनुमति देने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इस बार भी पुलिस प्रशासन की तरफ से अनुमति नहीं मिली है। लेकिन तब भी गांव गांव मेंला कमेटी के लोग नर्तकीयों को नचाने के लिए कमर कसे बैठें हुए हैं।













































































