भाजपा ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी लगी, गोष्ठी हुई, मौन जुलूस निकाला

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बदायूँ। 14 अगस्त को देश के बंटवारे की घटना की स्मृति में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बदायूँ क्लब में प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन और गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा बदायूँ क्लब से परशुराम चौक तक मौन जुलूस निकालकर विभाजन के अवसर पर जान गवाने वाले लोगों का स्मरण किया।मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने कहा 14 अगस्त 1947 का दिन भारत के इतिहास में वह काला दिन बना हैं, जब एक अखंड देश के रूप में सांस्कृतिक भारत दो हिस्सों विभाजित हो गया। एक हिस्सा भारत बना और दूसरा पाकिस्तान कहलाया।

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साथ ही उन्होंने लाहौर से पठानकोट तक खंडित भारत में लाखों शरणर्थी आए थे। उनके मन में पीड़ा थी। दिल्ली के मंदिर मार्ग पर न्यायमूर्ति निर्मल चटर्जी ने कहा था कि कांग्रेस ने करोड़ों भारतीय लोगों की पीठ में छुरा भोंका है। पूर्वी बंगाल में हिंदुओं पर जाजिया कर लगाया गया। इसका कम्युनिस्ट पार्टी ने भी समर्थन किया था। कांग्रेस के मानसपुत्र आज भी देश के टुकड़े कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा इससे देश में एकता, सद्भाव और देश प्रेम की भावना जगती है, विस्थापित परिवारों द्वारा जीवन-यापन के लिए किए गए संघर्ष से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा आज के दिन को कोई कैसे भूल सकता है। एक तरफ 14 अगस्त 1947 को अंग्रेजों के गुलामी से आजादी मिल रही थी तो दूसरी ओर धर्म के नाम पर भारत के दो टुकड़े हो रहे थे।सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने कहा विभाजन में न केवल भारतीय उपमहाद्वीप के दो टुकड़े किए गए बल्कि बंगाल का भी विभाजन किया गया। बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया।

मेघराज सपड़ा ने कहा पिछले कई वर्षो से विभाजन की विभीषिका को याद करने और इसी पीड़ादायी त्रासदी के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया है। वीरेंद्र धींगड़ा ने कहा विभाजन के समय दर्द और पीड़ा सहने और अपनी जान गंवाने वाले लोगों को पहली बार पहचान व सम्मान देने की पहल मोदी सरकार ने की। पंजाबी सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक नारंग ने कहा विभाजन के समय पाकिस्तान के पंजाब वाले हिस्से से अधिकांश लोग उस समय संयुक्त पंजाब के हरियाणा में सबसे अधिक संख्या में आए थे। पंजाब में करीब 50 लाख हिंदू परिवार आए थे। इस दौरान लाखों लोग शहीद भी हुए। इन शहीदों को न तो कभी याद किया गया और न ही कांग्रेस सरकारों ने कभी कोई समारोह किया। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे अविनाशी लाल ने कहा मुझे गर्व महसूस हो रहा है

कि भारत विभाजन का दंश सहने वाले परिवारों को मोदी व योगी सरकार सम्मानित करने का काम भी कर रही है।इस अवसर पर हरिशरण कपूर, सुमन कपूर, अविनाशी लाल, अशोक नारंग, वीरेंद्र धींगड़ा, मेघराज सपड़ा, ओमप्रकाश अरोड़ा को भारत विभाजन का दंश सहने पर अंग वस्त्र व माला पहनाकर सम्मानित किया गया।संचालन जिला महामंत्री सुधीर श्रीवास्तव ने किया।इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार, डीसीबी चेयरमैन जेके सक्सेना, पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल, अशोक भारती, राणा प्रताप सिंह, मनोज कृष्ण गुप्ता, बदायूँ क्लब के सचिव अक्षत अशेष, शिशुपाल शाक्य, नेकपाल कश्यप, सोवरन राजपूत, अनेकपाल पटेल, वीरेंद्र राजपूत, एमपी सिंह राजपूत, धीरज पटेल आदि उपस्थित रहे।

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