बरेली। के जोगी नवादा में बवाल की वजह बने कांवड़ जत्थे की अनुमति को इस बार ऐन मौके पर निरस्त कर दिया गया। दूसरा जत्था रविवार दोपहर धूमधड़ाके के साथ निकाला गया। इस दौरान उस धर्मस्थल को तिरपाल से ढक दिया गया, जहां पिछली साल रंग डालने की वजह से विवाद शुरू हुआ था। पिछली साल दो महीने के सावन में जोगी नवादा में खासा बवाल हुआ था। धर्मस्थल के पास रंग गुलाल उड़ाने और नारेबाजी को लेकर सांप्रदायिक विवाद की शुरुआत हुई जो अगले सोमवार को बवाल में बदल गई। तब तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला कर दिया गया। इससे पहले इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह समेत स्टाफ निलंबित कर दिया गया। तत्कालीन एसएसपी ने ही संबंधित जत्थे को अवैध घोषित करने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। रविवार को कछला जाने के लिए दो जत्थों की अनुमति मांगी गई थी। इनमें से पूर्व पार्षद डॉ. बनवारीलाल शर्मा के जत्थे को वैध मानते हुए शर्तों के साथ अनुमति दी गई जबकि मौर्य गली से निकलने वाले महंत राकेश कश्यप के जत्थे की अनुमति अवैध बताकर निरस्त कर दी गई। रविवार दोपहर गोसाई गौंटिया से बनवारीलाल का जत्था निकला तो करीब पांच सौ कांवड़िये डीजे की धुन पर थिरकते हुए दूसरे समुदाय की आबादी से निकले। इस दौरान पुलिस ने बाजार बंद करा दिया था। जत्था अब बनखंडी नाथ मंदिर से आगे मिश्रित आबादी से बाहर आ गया है। कांवड़िये कछला से जल लाकर बनखंडीनाथ मंदिर पर चढ़ाएंगे। सीओ तृतीय अनीता चौहान, इंस्पेक्टर अमित पांडेय पुलिस और पीएसी के साथ मौजूद रहे।