ईशांत फाउंडेशन ने कोरोना काल मे पांच हजार लोगों की मदद की,150 की जान बचाई

बिसौली। किसी की मदद करने का जज्बा हो तो साधन भी महृृृत्वपूर्ण नहीं है। ऐसा ही काम किया है ईशांत फाउण्डेशन के फाउण्डर प्रशांत वशिष्ठ ने। कोरोना काल में इन्होंने देश भर में लगभग चार से पांच हजार लोगों मदद कर 100 से 150 लोगों की जान भी बचाने में सहयोग किया है।

जैसे ही कोरोना काल में मरीजों की संख्या बढनी शुरू हुई बीएएमएस के छात्र प्रशांत वषिश्ठ ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक टीम बनाई जिसमें जगह जगह बेड की उपलब्धता व आक्सीजन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए विभिन्न शहरों में आक्सीजन के सप्लायर्स व अस्पतालों की विस्तृत जानकारी एकत्र की। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से इसका प्रचार किया तभी लोग फोन पर मदद मांगने लगे। इसके बाद वषिश्ठ ने लोगों को आक्सीजन की उपलब्धता वाले सप्लायर्स के नंबर व बेड की उपलब्धता वाले अस्पतालों के नाम व नंबर लोगों को बताए जिससे मरीजों को बेड भी मिले व आक्सीजन भी मिली। इसके साथ साथ कई लोगों प्लाज्मा भी ढूंढने में मदद की है। जिससे बडी संख्या में लोगों की जान बची है। कई लोगों को कोविड से संबंधित दवाऐं भी ढूंढवाने में मदद की। चूंकि वशिष्ठ बीएएमएस प्रथम वर्ष का ही छात्र है इसलिए लोगों को चिकित्सकीय सलाह के लिए अपने प्रोफेसर्स से मदद मांगी। सभी प्रोफेसर्स ने भी मदद को हाथ आगे बढाए और बीमारों को चिकित्सकीय सलाह भी फाउण्डेशन के माध्यम से निषुल्क मिली। ईशांत फाउण्डेशन के प्रयासों से खुश होकर कई लोगों ने गरीबों को निशुल्क दवाई व आक्सीजन गैस ईशांत फाउण्डेशन के रिफरेंस पर निशुल्क भी उपलब्ध कराई हैं। जिनमें बीएन इंडस्ट्रीज बरेली, मुरादाबाद से अजय सिंह, दिल्ली के प्रवीन अग्रवाल, इंदौर से विन स्पोर्टस इंडस्ट्रीज, बरेली से अमित अग्रवाल आदि प्रमुख है। जब ईषांत फाउण्डेशन ने लोगों की मदद की तब वषिश्ठ का आनलाइन ही उतिश्ट भारत फाउण्डेषन व कुष फाउण्डेषन से भी संपर्क हुआ इन दोनों फाउण्डेषन के माध्यम से मदद का दायरा और अधिक बढ गया। कई बार रात को लोगों के मदद को फोन आने के कारण रात को सो नहीं पाने के कारण अपना स्वास्थ्य भी खराब हुआ लेकिन लोगों की मदद करने का जज्बा कम नहीं हुआ। ईशांत फाउण्डेषन का कार्य देखते हुए आस्ट्रलिया के एन्टर प्रियूनर जौश ने भी ईषांत फाउण्डेषन के कार्य की सराहना की साथ ही लोगों को बताया कि आवष्यकता पडने पर ईषांत फाउण्डेषन से मदद मांगी जा सकती है। इस ग्रुप में जौनपुर से अमन ओझा फाउण्डर उतिश्ट भारत,गाजिया बाद से चंद्र भूशण, नोएडा से खुषबू, व दिल्ली से गरिमा एवं प्रियांषु पाठक आदि लोग षामिल हैं। प्रषांत वषिश्ठ समीपवर्ती ग्राम परसिया के रहने वाले व नगर के वरिश्ठ अधिवक्ता एवं सिविलबार ऐसोसिएषन के निवर्तमान सचिव पंकज षर्मा ऐडवोकेट के बेटे हैं।