अमरनाथ में बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने पर भी भक्तो का जोश कम नहीं हुआ != निर्भय सक्सेना =

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                                                                                                                                                                                                            बरेली।  जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में 3880 मीटर  ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के बाद दर्शन लाभ की भक्तो में ऐसी होड है कि हर कोई बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहता है।  इस बार 29 जून 2024 को राज्यपाल मनोज सिन्हा  ने हरी झंडी दिखा कर  अमरनाथ यात्रा की सैनिक सुरक्षा के साथ शुरुआत कराई थी। मेरा भी सौभाग्य रहा की मुझे अपने मीडिया साथियों के साथ यात्रा के पांचवे दिन 3 जुलाई 2024 को लगातार तीसरे वर्ष भी बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिला। इस बार  बाबा बर्फानी शुरू के प्रथम सप्ताह में ही अंतर्ध्यान की दिशा में बढ़ गए थे। बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने पर भी भक्तो का जोश कम  नहीं हुआ है । 29 जून से शुरू यात्रा के 16 दिनों  में  रविवार 14 जुलाई तक लगभग 3 लाख से अधिक भोले भक्तो के  दर्शन कर लेने की जानकारी मिली।  बॉर्डर रोड ओर्गनाईजेशन ने इस बार मशीनों से पत्थर की कटाई कर  सड़को की चौड़ाई भी काफी बढ़ा दी  है। लोहे की रेलिंग भी लगाकर भक्तो की  सुरक्षा के काफी प्रयास किए गए हैं। इसी के चलते इस वर्ष यात्रा के चौड़े होने से मार्ग में उड़ती धूल एवम गर्म मौसम से यात्री परेशान रहे। वर्षा से यात्रा भी रुकी थी।  बाद के दिनों में वर्षा होने से धूल कम हुई थी। अगले वर्षो  में अमर नाथ में पवित्र गुफा तक  रोप वे की भी सरकार की योजना है । बालटाल से पंचतरणी तक आगामी वषों  में वाहन  चलाने की भी योजना है । इस बार जम्मू से बालटाल यात्रा में  श्यामा प्रसाद मुकर्जी टनल  भी चालू मिली। बालटाल मार्ग पर कुल चार टनल पार  की। जम्मू से   काजी  गुण्डम तक ट्रेन मार्ग भी पूरा होना बताया गया।   52 दिन की अमरनाथ यात्रा 29 जून 2024  से प्रारंभ हुई जो रक्षाबंधन 19 अगस्त तक चलती है । इस माह में  14 जुलाई  2024 तक लगभग 3 लाख से अधिक भोले भक्त पवित्र गुफा में दर्शन लाभ कर चुके थे। भक्तो के इस बार पिछला 4.40 लाख दर्शन का रिकार्ड भी इस बार टूट सकता है। 29 जून 2024 से अमरनाथ यात्रा में भक्त बोल बम का उदघोष  भरते रहे।   भोले भक्त आगे बढ़े और अपने बर्फानी बाबा के दर्शन पाकर अपने को सौभाग्यशाली माना। बीते दिनों अमर नाथ तीर्थ यात्रा से पूर्व  जम्मू में शिवखोड़ी में बस पर आतंकी घटना के बाद काफी सख्ती थी। इस बार भी 80 हजार से अधिक सेना एवम अर्ध सैनिक तैनात किए गए हैं। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे भी इस बार लगातार तीसरी बार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया से जुडे़ उपजा प्रेस क्लब बरेली के कुछ पत्रकारों एवम फोटो जर्नलिस्ट के साथ जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में अमर नाथ  की पवित्र गुफा में 3 जुलाई 2024 बुधवार को 3880 मीटर की ऊंचाई पर बनी गुफा में आधे से अधिक लुप्त हो चुके बाबा बर्फानी  के दर्शन लाभ  का मोका मिला। हमारे इस दल मे निर्भय सक्सेना, पुत्तन सक्सेना,  ललित कश्यप, महेश पटेल, अशोक शर्मा,  शुभम ठाकुर, अशोक शर्मा लोटा, अभिषेक गुप्ता, विवेक मिश्रा, किशोर कुमार,  नरसिंह यादव आदि थे। इसके अलावा रोहित ढींगरा, श्रीमती मोना ढींगरा, विकास शर्मा, आशुतोष शर्मा , पार्थ सारथी, अजय धुरिया भी साथ गए थे।  पर जम्मू से ही ललित कश्यप, पार्थ सारथी, अजय धुरिया नीलकंठ से पंचतरणी तक हेलीकॉप्टर से गए। अजय राज शर्मा, डॉ एस  के पांडे, रिशव पांडे वैष्णो देवी से लौटकर जम्मू में ही रुक गए । बरेली से जम्मू जाने वाले दल ने पूर्व में ही अपना बरेली जिला हॉस्पिटल में मेडिकल करवाने के बाद बैंक में अपना शुल्क जमा करवाकर रजिस्ट्रेशन भी अप्रैल माह में करवा लिया था। जिसमे 4 जुलाई की दर्शन की डेट आवंटित हुई थी। इसके बाद उसी अनुसार रेल टिकट समय को ध्यान में रख कर करवा लिया थे।बरेली से 28 जून  2024 को जम्मू तवी से चलकर 29 जून को जम्मू रेल स्टेशन पर 10 बजे के आस पास पहुंच गए । जम्मू रेलवे  के एक होटल में विश्राम किया। 30 जून 2024 की सुबह माता वैष्णो देवी जाकर माता वैष्णो के मंदिर में मत्था टेका। इसके  हम लोगो ने एक मिनी बस पूर्व में ही कर ली।  अगले दिन 1 जुलाई 2024 को 7 बजे जम्मू से बालटाल को मिनी बस से फिर बालटाल की यात्रा शुरू की। रास्ते में बने लंगर पर सुबह अपने  कार्ड बनबा लिए। भंडारे पर वहां प्रसाधन सहित सुविधाएं बेहतर एवम निशुल्क थी। इसके बाद चलकर रात्रि विश्राम श्रीनगर में ही किया। रात्रि में ही डल झील में नौकायन एवम लाल चौक भ्रमण किया। लोगो से वर्तमान मुद्दो पर चर्चा की। सभी ने अपने अनुसार चाय नाश्ता भोजन लिया। अगली प्रात  2 जुलाई को यहां से हमारा दल अनंतनाग के  वाल्टाल को आगे बढ़ा। लगभग 1 बजे वाल्टॉल  आ गए। वहां लगे स्कैनर में  सामान चेकिंग के बाद हम  सभी साथी दोगाम में बदायूं के शिव शक्ति कैम्प में पहुंच गए। हम सभी दोगाम  शिविर में रुके। अगली 3 जुलाई 2024 को सुबह  4 बजे लाइन में लग कर पत्रक चेक कराए। लगभग 5 बजे बालटाल के बेस कैंप में चेकिंग के बाद से अमरनाथ से 16.5 किलोमीटर की जटिल बाबा बर्फानी शुरू की।  यात्रा कुछ साथियों  ने पैदल ही शुरू की।  पर मेने रोहित जी एवम श्रीमती मोना जी के साथ घोड़े से ही लोटाफेरी वाली यात्रा बुक की थी। घोड़े से सुबह लगभग 5 बजे यात्रा शुरू कर बरारी, पंचतरणी में बीच में रुक रुक कर हम हम 11 बजे संगम आ गए। वही साथियों  ने घोड़ा छोड़ दिया। वहां से लगभग 3 किलोमीटर गुफा तक पैदल/पालकी यात्रा की। वहां खड़े पालकी वाले मनमर्जी के रेट  मांग रहे थे। उनकी इस बार अराजकता पूरे मार्ग पर थी। आयु 69 वर्ष  होने पर मेरी सांस फूलने लगी। पवित्र गुफा के पास लगे मेडिकल कैंप में ऑक्सीजन चेक कराई। ग्लूकोज का पानी पिया। 3 जुलाई 2024 को पवित्र गुफा में 12 बजे रोहित ढींगरा एवम श्रीमती मोना ढींगरा के साथ बाबा बर्फानी दर्शन कर लिए।  और लोट कर फिर पैदल 1 बजे संगम के पक्के पुल पर आ गए।  फिर वापसी  में संगम पक्के पुल  से अपना वापसी वाला घोड़ा वाले को फोन कर बुलाया और लोट कर पंचतरणी होकर लगभग सायं 6 बजे डूमेल में बदायूं के संजय पाराशरी के शिव शक्ति भंडारे वाले टेंट में आ गए। पूरे रास्ते में भोले के भक्तो के लिए लंगर की व्यवस्था रही। अगले दिन 4 जुलाई 2024 को हम सभी बालटाल कैम्प  से भोर में 5 बजे बस से चलकर जम्मू  रेल स्टेशन शाम 4 बजे के आसपास  पहुंच गए। शाम में 5 बजे ट्रेन में बैठकर अगली सुबह 5 जुलाई को बरेली आ गए ।  बरेली में 28 जून को जम्मू बर्फानी यात्रा को जा रहे भोले भक्तो का उपजा प्रेस क्लब के विजय सिंह, वीरेंद्र अटल, मोहम्मद समी, मानव सेवा क्लब के सुरेंद्र बीनू सिन्हा, इंद्र  देव त्रिवेदी, अभय भटनागर, ए एस अग्रवाल की और से माला पहनाकर विदा किया गया था और लोटने पर भी मानव सेवा क्लब ने स्वागत किया। तीर्थ यात्रा के दौरान जम्मू से आतंकी हमलों से बचाव को 80 हजार से अधिक सेना एवम अर्ध सैनिक इस बार तैनात किए गए हैं। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। जम्मू कश्मीर पुलिस भी व्यवस्था को लगाई है।   जम्मू के भगवती नगर एवम रेलवे स्टेशन के बाहर बने कैंप में भोले भक्तों  को पत्रक की जांच के बाद उन्हें आगे की यात्रा औपचारिकताएं पूरी करने को अमरनाथ श्राइन बोर्ड के कर्मी उन्हें टोकन दे रहे थे। यही कारण है की केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का जमीन से आसमान तक का फूल प्रूफ घेरा तैयार करवा दिया है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा की देखरेख में जम्मू में बना कंट्रोल कमांड सेंटर भी अमरनाथ तीर्थ यात्रा पर केमरो से नजर रख रहा है। जारी टोकन से हर भक्त की ट्रैकिंग अब आसान है । जगह जगह लगे होर्डिंग बैनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवम राज्यपाल मनोज सिन्हा के फोटो के साथ अमरनाथ के भक्तो का स्वागत है। श्राइन बोर्ड ने इस बार बालटाल से डेमेल तक बैटरी चालित रिक्शा भी चलाई हैं। यही नहीं वर्ग विशेष के घोड़े वाले, पालकी वाले और पिट्ठू अमरनाथ यात्रियों को मनमाने रेट मांग कर परेशान नहीं करें। इसके लिए घोड़े वालों, पालकी वालो के लिए उनके बने कार्ड पर पूर्व बुकिंग अनिवार्य की गई है। वालटाल से गुफा के पास तक एवम उसी मार्ग से वापसी 4450 रुपए में आप घोड़े से कर सकते हैं। इसी तरह पालकी के रेट भी तय हैं। पर अभी भी घोड़े वालो का चक्रव्यूह भेदना आसान नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें स्थानीय पुलिस का भी पूरा संरक्षण मिलने से पर्ची कटने के बाद भी वह यात्रियों को पवित्र गुफा से दूर ही छोड़ रहे हैं। और वहां पूर्व से खड़े पालकी = घोड़े वाले और अधिक पैसे की मांग करते हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ की यात्रा 2024 को अपने दोनों आधार शिविरों मध्य कश्मीर के गांदरबल में बालटाल मार्ग एवम दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में नुनवान - पहलगाम मार्ग से शुरू हुई । जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ की बाबा बर्फानी दर्शन यात्रा को लेकर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, इंडो तिब्बत बॉर्डर फोर्स, आदि अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियों में शामिल लगभग 80 हजार जवान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हैं। सभी अर्धसैनिक कंपनियां भोले के भक्तो की सुरक्षित यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश में पहुंची थी, जिनको यात्रा से पूर्व ही तैनात भी कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अर्द्धसैनिक जवान यात्रियों की सुरक्षा में रहेंगे। वर्तमान में भारत में नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैनिक अधिकारियो के साथ पूर्व में ही बैठक कर ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। कि जगह जगह पर अब सैनिकों की तैनाती से सीमापर की आतंकी साजिशें सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं कर पाए । अमरनाथ की पवित्र गुफा, जो 3880 मीटर की ऊंचाई पर है, में प्रकट होते हैं। लाखों भक्त हर साल जून जुलाई के सावन माह में दक्षिण कश्मीर में स्थित श्री अमरनाथ तीर्थ के लिए जटिल पहाड़ों के माध्यम से भोलेनाथ के दर्शन करने इस पवित्र गुफा तक आते हैं। यहां भक्तो की देखभाल का प्रबंधन श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एस ए एस बी) द्वारा किया जाता है।भक्तो के पिछले 4.50 लाख दर्शन वाला पिछला रिकार्ड भी इस बार टूट सकता है। 
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