विद्यालय प्रबंध समिति उन्मुखीकरण कार्यक्रम हुआ,अभिभावकों को नए बदलावों से रु-व-रु कराया
बदायूँ। विद्यालय प्रबंध समिति उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आगाज आज दोपहर 1:30 बजे से उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या में किया गया। इस कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अभिभावकों को विद्यालय में हो रहे सभी प्रकार के बदलावों के लिए जागरूक रहने और अपना योगदान देने के लिए कहा गया । यह कार्यक्रम अभिभावकों के लिए विशेष रूप से संचालित किया गया जिसमें विद्यालय के प्रति उनके उत्तरदायित्व तथा विद्यालय प्रबंध समिति में उनके द्वारा निर्वाह किया जा रहे कार्यों और ऐसे उत्तरदायित्व का जिक्र किया गया जिनके माध्यम से विद्यालय को निपुण विद्यालय बनाया जा सकता है तथा प्रत्येक बच्चे को सुयोग्य शिक्षा देकर दृढ़ता के साथ उन्हें निपुण बनाया जा सकता है ।
इस कार्यक्रम में बताया गया कि विद्यालय प्रांगण में जहां शिक्षकों का अभाव है वहां विद्यालय प्रबंध समिति अपने नवाचार के तौर पर स्वयं का योगदान देते हुए बच्चों को पढाने का कार्य कर सकती है तथा समाज में शिक्षा एक दान की तरह होती है अध्याय शिक्षा का दान सर्वोपरि दान होता है इसको ध्यान में रखते हुए हम रिटायर हो चुके अध्यापकों के द्वारा भी यह सेवा शैक्षिक रूप से ले सकते हैं स्वैच्छिक रूप से ले सकते हैं जिसके माध्यम से उनके अनुभवों के आधार पर बच्चों को नित्य नए परचम लहराने में सुविधा हो ।

इस कार्यक्रम में कंपोजिट ग्रांट द्वारा विद्यालय में किस प्रकार के कार्य कराए जाएं बच्चों की बैठने की सुविधा भवन तथा आज के परिदृश्य में देखते हुए स्मार्ट क्लासेस की स्थापना करने बच्चों को पुस्तकालय स्थापित करने वाचनालय बनाने आदि तथ्यों पर विस्तार पूर्वक तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए समस्त आरपी नगर ने अपने-अपने मिनट 2 मिनट कार्यक्रम के बारे में जागरूक किया और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र बदायूं रमेश चंद्र जोहार ने अपने आशीष वचन में सभी से आग्रह करते हुए कहा कि बिना आपके सहयोग के बच्चों का भविष्य निखारा।नहीं जा सकता ।इसे निखारने के लिए आपका जागरूक होना बहुत आवश्यक है आप विद्यालय की रीड है विद्यालय का प्रांगण अध्यापकों द्वारा निर्मित किया जाता है किंतु प्रांगण में बच्चों की उपस्थित अभिभावकों के द्वारा ही संभव हो सकती है आप यदि कंधे से कंधा मिलाकर एक स्तंभ की तरह हमारे साथ खड़े रहेंगे तो आने वाला वक्त प्रत्येक विद्यालय को निपुण बनाने में सक्षम होगा।













































































