बदायूँ में कांग्रेसियों ने 142 सांसदों के निलंबन के विरोध में धरना प्रदर्शन किया
बदायूं। भारतीय संसद के दोनों सदनों को मिलाकर शीतकालीन सत्र में रिकॉर्ड 146 सांसदों के निलंबन की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रीय आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष असरार अहमद के सयुंक्त नेतृत्व में जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट स्थित अम्बेडकर पार्क में कांग्रेसियो ने धरना प्रदर्शन किया कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौपा। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्यवक्ता से प्रदेश कांग्रेस सचिव जितेंद्र कश्यप व विशिष्ट वक्ता के रूप में पूर्व एआईसीसी सदस्य मुन्ना लाल सागर रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओमकार सिंह ने धरना प्रदर्शन स्थल से बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि इंडिया गठबंधन से घबराई बीजेपी लोकतंत्र के मंदिर का अपमान कर रही है। जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन से घबराई बीजेपी और एनडीए जिस तरीके से लोकतंत्र के मंदिर का अपमान कर रही है, वो भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कार्रवाई है।

उन्होंने कहा कि संसद की सुरक्षा के मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बयान की मांग करना कहीं से भी अनुचित नहीं है. प्रदेश सचिव जितेंद्र कश्यप ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि संसद में अपनी बात रखना हर सांसद का अधिकार है । इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष असरार अहमद एवं पूर्व एआईसीसी सदस्य मुन्ना लाल सागर कहा कि नए संसद भवन की सुरक्षा के मामले में प्रश्न पूछ रहे सांसदों को निलंबित किया जाना लोकतंत्र की हत्या है। किसी को बोलने की आजादी नहीं है, देश में तानाशाही है, विपक्ष को दबाया जा रहा है।

लोकतंत्र खतरे में है जिलाउपाध्यक्ष सुरेश सिंह राठौर एवं जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता सिंह ने कहा की केंद्र की भाजपा सरकार ने लोकतंत्र पर हमला किया है, आश्चर्यजनक रूप से संसद के दोनों सदनों से 142 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। संचालन जिला महासचिव गौरव सिंह राठौर ने किया इस अवसर पर जिला सचिव वीरपाल यादव, एससीएसटी विभाग अध्यक्ष मुन्नेद्र कन्नौजिया, इखलास हुसेन, सोमपाल सिंह, सोमवीर, पुत्तू लाल, धीरेन्द्र, सबरी, गुरुदेव, मुजाहिद, राशिद, अशोक कश्यप, अजय अग्रवाल, कैफ, अकील अहमद, मोधवराज लोधी, सोनपाल, वीरेश तोमर, राजवीर सिंह आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।













































































