वॉशिंगटन। अमेरिका की सड़कों पर भूख से तड़पती हुई हैदराबाद की महिला को अब और परेशानी नहीं उठानी होगी। शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कहा है कि उन्होंने पिछले हफ्ते अमेरिका की सड़कों पर भूख से तड़प रही हैदराबाद की महिला से संपर्क किया है और वह उसे भारत पहुंचाने के लिए मदद करने को तैयार है। हैदराबाद की 37 वर्षीय सैयदा लुलु मिन्हाज जैदी दो साल पहले मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए अमेरिका आई थीं, वह पिछले हफ्ते शिकागो की सड़कों पर ‘उदास’ और भूख से तड़पती पाई गईं। शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘खुशी है कि हम सैयदा जैदी से संपर्क कर सके और उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई है। वह अब फिट हैं, उन्होंने भारत में अपनी मां से बात की है। हमने उन्हें भारत जाने के लिए मदद की पेशकश की।’ ट्वीट में कहा गया, ‘उन्होंने अभी तक भारत लौटने के लिए हमारे समर्थन के प्रस्ताव का जवाब नहीं दिया है। हम उन्हें हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं।’ हैदराबाद के बाहरी इलाके मेडचल जिले के मौला अली की निवासी जैदी ट्राइन यूनिवर्सिटी, डेट्रॉइट से सूचना विज्ञान में मास्टर्स करने गई थीं। उनकी मां सैयदा वहाज फातिमा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से उनकी बेटी को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए मदद की अपील की थी। फातिमा ने विदेश मंत्री को लिखा था कि वह पिछले दो महीने से परिवार के संपर्क में नहीं हैं। वहाज फातिमा ने अपने पत्र लिखा था, ‘हाल ही में दो हैदराबादी युवकों के माध्यम से हमें पता चला कि मेरी बेटी गहरे अवसाद में है और उसका सारा सामान चोरी हो गया है, जिसके कारण वह भुखमरी की कगार पर है और शिकागो की सड़कों पर देखी जा रही है।’ वहाज फातिमा का पत्र मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) नेता अमजेदुल्ला खान ने ट्विटर पर पोस्ट किया था।