बदायूं में बालिका से दुष्कर्म कर हत्या के मामले मे कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा,दो लाख जुर्माना

- विशेष न्यायालय पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश दीपक यादव ने सुनाई सजा
- कोर्ट ने दोषी पर दो लाख रूपये का जुर्माना भी डाला
बदायूं। (विधि संवाददाता सुधीर कुमार कश्यप)आठ वर्षीय बालिका के साथ दरिदगी की जघन्य बारदात करने के बाद उसकी हत्या करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश दीपक यादव ने दोषी पाते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई है कोर्ट ने दोषी पर दो लाख रूपये का जुर्माना भी डाला है मामले में घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता की ओर से थाना सिविल लाइन मे 11 अप्रैल 2021 को दर्ज कराई जिसमें उल्लेख किया कि वादी व उसकी पत्नी उसकी 8 वर्षीय पुत्री के साथ खेत पर गेहूं कटाई कर रहे थे साथ में उत्तराखंड प्रदेश के जनपद उधम सिंह नगर थाना बाजपुर के गांव सुल्तानपुर पट्टी निवासी गुफरान पुत्र शफीक भी मजदूरी पर उसके खेत से गेहूं कटाई कर रहा था किसी भी है

उसकी 8 वर्षीय पुत्री को बहला कर पड़ोस के खेत में ले गया जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी शोर पर मौक पर पहुंचकर लोगों ने आरोपी गुफरान को पकड़ लिया पुलिस के हवाले कर दिया इस मामले में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होकर मुकदमा विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट दीपक यादव की कोर्ट में चला कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म कर गला दबाकर हत्या करने के इस जघन्य अपराध के मामले में गुफरान को दोषी पाते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई है फांसी की सजा पर कोर्ट की टिप्पणी..दोषी गुफरान को फांसी की सजा बाले आदेश मे कोर्ट ने उल्लेख क्या कि गुफरान के गले में फांसी लगाकर फंदे पर तब तक लटकाए जाए जब तक उसकी मृत्यु ना हो जाये परिजन बोले न्याय पर पूरा भरोसा था.. मामले में पिछले दिनों आरोपी को दोष सिद्ध किया गया था शुक्रवार को मामले में सजा सुनाई जानी थी मृतक के पिता,मां,ताऊ तेहेरे भाई अन्य परिजन कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद थे जैसे ही उन्हें पता लगे कि गुफरान को फांसी की सजा हुई है तो उन्होंने भगवान का धन्यवाद करते हुए न्याय पर पूरा भरोसा जताते हुए सभी को हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया 2 साल 1 माह 14 दिन में अंजाम तक पहुंचा मामला विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी, वीरेंद्र वर्मा के मुताबिक पूरा मामला 2 साल 1 माह 14 दिन में अंजाम तक पहुंचा हमने अभियोजन के सारे गवाहों को परीक्षित कराया सभी गवाहों ने मामले में बगैर किसी दबाव के ठोस रूप से गवाही दी पुलिस की विवेचना,गवाहों की मुस्तैदी ब अभियोजन के प्रयास के चलते आरोपी को फांसी की सजा हुई मृतका परिवार की सबसे छोटी बेटी थी मृतिका परिवार की सबसे छोटी बेटी थी जिसकी उम्र लगभग घटना के समय 8 वर्ष की थी परिवार में उसके चार अन्य बहन भाई है इस घटना से पूरा परिवार हिल गया वादी ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसके परिवार के साथ उसी के खेत में मजदूरी करने वाले व्यक्ति इस तरह की घटना कारित कर देगा