औरैया। मासूम के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने फांसी की सजा से दंडित किया है। इस दौरान दोषी न्यायालय में बराबर गहन चिंता की मुद्रा में खड़ा रहा। हालांकि न्यायालय के बाहर आने के दौरान उनके चेहरे पर जरा भी तनाव नहीं दिखाई दिया। नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या के मामले में कोर्ट में फैसला सुनाते समय न्यायाधीश मनराज सिंह ने कहा कि पुरुषों की उत्पत्ति महिलाओं से ही होती है। अयाना थाना क्षेत्र के गौतम सिंह का कृत्य पशुओं के जैसा है। उन्होंने फैसले में कहा कि दोषी को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लड़कियां अगर खुले में नहीं घूम सकतीं, तो फिर उनके लिए कौन सा स्थान है, जहां वह घूम सकें। कहा कि भारतीय संस्कृति में स्त्री धर्म की मूल है, स्त्री के साथ ऐसा अपराध किसी भी धर्म व संस्कृति में मान्य नहीं है। इस अपराधी ने मासूम का बचपन में ही जीवन खत्म कर दिया। तीन माह पूर्व इस घटना में दोषी गौतम सिंह आठ वर्षीय मासूम को बिस्कुट का पैकेट देने का लालच देकर खेत पर ले गया था। जहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया था। दरिंदे ने दुष्कर्म करने के बाद मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद मासूम का पता नहीं चला और पुलिस मासूम की तलाश में जुटी थी। 25 मार्च 2023 की शाम पुलिस ने अयाना थाना क्षेत्र स्थित स्वरुप नगर में गांव के बाहर गेस्ट हाउस के पीछे गेहूं के खेत से मासूम का शव बरामद किया था। घटना स्थल से कुछ दूर पर एक चप्पल भी मृतका की मिली थी। खेत में कुछ जगह खून भी बिखरा पड़ा मिला था। पुलिस ने घटना स्थल से कई सुराग एकत्र कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। मासूम की हत्या के बाद दरिंदे ने उसका शव गेहूं के खेत में फसल के बीच में फेंक दिया था। जिस समय पुलिस घटना स्थल का निरीक्षण कर रही थी। उसी समय गांव गौतम भी पास में मौजूद था। पुलिस ने गांव के कुछ युवाओं को संदेह के आधार पर पकड़ा, जिनकी हरकतें ठीक नहीं थी। इसी दौरान गौतम भी हत्थे चढ़ा। पुलिस ने गौतम के कपड़े पर खून के निशान देखकर उससे कड़ाई से पूछताछ की थी। तब पूरा मामला आइने की तरह साफ हो गया। उसके नाखूनों में भी मासूम की स्किन लगी हुई थी। घटना के 14 घंटे में हुए खुलासे में पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने सब कुछ कबूल कर लिया था।