क्या टमाटर के बीज से होता है किडनी स्टोन?

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भारतीय रसोई में गोल, चटक लाल रंग और टैंगी स्वाद वाले टमाटर का खूब इस्तेमाल होता है। इसके बिना तो जैसे कोई भी डिश अधूरी है। चाहे इसके टुकड़े कर सब्जी में डालें या प्यूरी तैयार कर मसाले में इस्तेमाल करें, टमाटर इन डिशेज में फ्लेवर के साथ कलर एड करने का भी काम करते हैं। भले ही टमाटर का इस्तेमाल सब्जी के रूप में किया जाता है, लेकिन असल में यह फल के परिवार से आते हैं, जिसके अंदर अनेकों फायदे छिपे हुए हैं। आपने भी टमाटर खाने के ढेरों फायदे सुने होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कुछ नुकसान भी हैं? आइये जानते हैं कि टमाटर खाने के क्या नुकसान हैं और किन लोगों को इससे दूर रहना चाहिए। टमाटर विटामिन सी, विटामिन ए, पोटेशियम, फाइबर और प्रोटीन के लाभों से भरपूर है। इस लाल साइट्रिक फल के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जैसे आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है, डायबिटीज की जटिलताओं को कम करता है, सन डैमेज से बचाता है और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को भी कम करता है। हालांकि, इन फायदों के साथ टमाटर के कुछ नुकसान भी हैं, जिनके बारे में आपको जरूर जान लेना चाहिए। टमाटर को लेकर सबसे आम धारणा यह है कि यह गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) का कारण बन सकता है। आइये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। गुर्दे की पथरी कई प्रकार की होती है और इसमें सबसे आम है कैल्शियम पथरी। ये पथरी हमारी किडनी में बड़ी मात्रा में कैल्शियम ऑक्सालेट के जमाव के कारण बनती है। ऑक्सालेट एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पदार्थ है, जो विभिन्न प्रकार की सब्जियों और फलों में पाया जाता है। इसके अलावा, हमारा लीवर भी प्रतिदिन निश्चित मात्रा में कैल्शियम का उत्पादन करता है। हमारी हड्डियां और मांसपेशियां रक्त से कैल्शियम को अवशोषित करती हैं, लेकिन जब रक्त में इस पोषक तत्व की मात्रा अधिक हो जाती है, तो यह मूत्र के साथ बाहर निकलने के लिए गुर्दे में चला जाता है। कई बार किडनी शरीर से अतिरिक्त कैल्शियम को बाहर नहीं निकाल पाती है, जो धीरे-धीरे जमा होकर पथरी का रूप ले लेती है। चूंकि, टमाटर में उच्च मात्रा में ऑक्सालेट होता है, इसीलिए टमाटर को गुर्दे की पथरी से जोड़कर देखा जाता है। अगर आपको डाइट में टमाटर शामिल करना पसंद है, तो इस मिथक के कारण ऐसा करना बंद नहीं करना चाहिए। टमाटर में ऑक्सालेट होता है, लेकिन इसकी मात्रा काफी कम होती है और इससे किडनी में पथरी नहीं बन सकती। 100 ग्राम टमाटर में केवल 5 ग्राम ऑक्सालेट होता है। अगर टमाटर इतना हानिकारक होता, तो गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन पूरी तरह से बंद करने की सलाह दी जाती। अगर आप हेल्दी हैं और किडनी की कोई समस्या नहीं है, तो बेझिझक होकर टमाटर खा सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आप किडनी से संबंधित किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको ऑक्सलेट का सेवन सीमित कर देना चाहिए। पालक, बीन्स, चुकंदर में भी ऑक्सालेट अधिक मात्रा में होता है। इसलिए खाने से पहले इन सब्जियों को अच्छे से पकाएं। टमाटर के मुख्य एंटीऑक्सीडेंट को लाइकोपीन के नाम से जाना जाता है। यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने के लिए आवश्यक है। ऑक्सीडेटिव तनाव विभिन्न स्थितियों के कारण हो सकता है। इनमें मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप, प्रदूषण, संक्रमण और गुर्दे में सूजन शामिल हैं। स्थिति कोई भी हो, अगर किडनी प्रभावित होती है, तो इसका कारण ऑक्सीडेटिव तनाव होता है। ये स्थितियां कई अन्य अंगों को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन किडनी सबसे अधिक प्रभावित होती है क्योंकि लाइकोपीन मूत्र संबंधी और जननांग ऊतकों में केंद्रित होता है। टमाटर वैसे तो हेल्दी हैं हानिकारक नहीं, लेकिन सभी मरीजों के साथ स्थिति एक जैसी नहीं होती। विशेषज्ञों की मानें, तो टमाटर किडनी के लिए हानिकारक नहीं हैं, बल्कि इसका पोषण मूल्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। फिर भी, कुछ मामलों में टमाटर हानिकारक हो सकता है। किडनी स्टोन से जूझ रहे लोगों को नहीं खाना चाहिए। जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को टमाटर से दूर रहना चाहिए। डायरिया में टमाटर नहीं खाना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को एलर्जी है, तो उसे टमाटर से दूर रहना चाहिए।

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