यज्ञ महोत्सव 2023 में हुआ कवि सम्मेलन, बही काव्य की रासधारा

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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में हुए यज्ञ महोत्सव के आखिरी दिन महान समाजसेवी का स्वर्गीय प्रज्ञा आर्य की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश भर के अनेक कवियों ने भाग लेकर धर्म संस्कृति राष्ट्र मानवता और समसामयिक विषय पर कविताएं प्रस्तुत कीं। हास्य और विनोद भी हुआ। श्रंगार के साथ भक्ति रस में भी कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक डुबोए रखा। कवि सम्मेलन का शुभारंभ वेद मंत्रों की स्तुति के साथ सरस्वती आराधना करते हुए हुआ कु तृप्तिआर्य ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की
जय जय सरस्वती जय हो तुम्हारी मां हमको अपना बना लो पुजारी

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सम्मान और अभिनंदन के पश्चात मेरठ से पधारे दीपक दीप ने पिता की महिमा पर गीत पढ़ा
पिता है पास अपने तो सभी खुशियां हमारी हैं पिता जब साथ होते हैं लगे दुनिया हमारी है।
बिल्सी के प्रसिद्ध गीतकार नरेंद्र गरल ने पढ़ा
अब प्रश्न यह नहीं है पेड़ सूख जाएगा
है प्रश्न हरे भरे गीत कौन गाएगा
झूले कहां पड़ेंगे मल्हारों की धुन कहाँ
फिर बेटियों की पायलों की रुन झुन कहाँ
वीर रस के कवि मेरठ से पधारे वीर रस के कवि राजकुमार सिसोदिया ने पढ़ा
*नाटे कद वाले चीन,
बजाएंगे तेरा बीन।

संचालन कर रहे गाजियाबाद से पधारे डॉक्टर जयप्रकाश मिश्र ने हास्य के खूब गीत सुनाए और लोग हंसते रहे। उन्होंने प्रज्ञा आर्य को श्रद्धांजलि दी

प्रज्ञा आर्य चेतना थीं,साधना थीं,शोध थीं
इस धरा की नारियों में देवता का बोध थीं
रूप जी के रूप को था और निखारा आपने
जाहिलाता हरकतों की राह में अवरोध थीं
एक और शानदार गीत पढ़ा
गर्दिश वाले दिन बहुरेंगे आज नहीं तो कल मन के गहरे घाव भरेंगे आज नहीं तो क मत कर चिंता बढ़ते रहना जीवन के पथ पर ईश्वर बेड़ा पार करेंगे आज नहीं तो कल
इस्लाम नगर से पधारे शिव कुमार अमन ने शानदार गीत पढ़े और तालियां बटोरी
गरीबी देर तक किसके यहां आबाद रहती है
गरीबी फिर गरीबी है जो जिंदाबाद रहती है
मैं अपनी झोपड़ी में इस तरह महफूज रहता हूं
कि जैसे मां की गोद में कोई औलाद रहती है
दिल्ली से पधारे डॉक्टर जय सिंह आर्य ने सुंदर गज़लें और गीत सुनाए
पीढ़ियो से जो थरथराई थी
आंख भी जिसकी डबडबाई थी
पुष्प अबला के मन को बहलाने
दिव्य ऋषि की बहार आई थी।

आचार्य संजीव रूप ने भी सभी के आग्रह पर कुछ शेर पढ़े
आस्तीनों में सांप पलते हैं यहाँ अपनों को अपने छलते हैं बिना लकड़ी के तेल माचिस के लोग दिन-रात यहाँ जलते हैं।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता फ्यूचर लीडर स्कूल के चेयरमैन वीपी सिंह ने की। कार्यक्रम में बिल्सी चेयरमैन पति ओमप्रकाश सागर, थाना अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह , विजेंद्र पाल सिंह, संजय सिंह ,मास्टर अगर पाल सिंह, सुभाष चंद्र आर्य, अरविंद सक्सेना, सचिन आर्य ,विशेष आर्य, प्रश्रय आर्य, अवनीश पाल किशनपाल बद्री प्रसाद आर्य नौबत राम आर्य, विकास कुमार अंशुल कुमार, अशोक उपाध्याय, आदि मौजूद रहे । संचालन गाजियाबाद से पधारे कवि जयप्रकाश मिश्र ने किया

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