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Uttar Pradesh

जलता चूल्हा छोड़कर भाग गए ग्रामीण

June 15, 2023By admin0 comments
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लखीमपुर खीरी। गांव कंधईपुर में पुलिस पर हुए हमले के बाद से भागे ग्रामीण तीसरे दिन तक वापस नहीं आए। कुछ महिलाएं जानवरों को चारा-पानी देने के लिए हिम्मत करके गांव वापस लौट आईं। अधिकांश घरों में तीसरे दिन भी चूल्हा नहीं जला। महिलाओं ने चोटें दिखाते हुए कहा कि पुलिस ने बेवजह पीटा। गांव से बरात लेकर गया दूल्हा भी बुधवार तक वापस नहीं आया। थाना मैलानी क्षेत्र में सोमवार को कंधईपुर गांव में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस पर एक पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया था। एसओ, महिला सिपाही सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मामले में चार ग्रामीणों की तहरीर पर चार महिलाओं सहित 48 नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद ज्यादातर ग्रामीण महिलाओं और बच्चों सहित गांव से भाग गए थे। तीसरे दिन बुधवार को गांव में कुछ महिलाएं लौट आईं। महिलाओं ने बताया कि वे जानवरों को चारा-पानी देने के लिए घर लौटी हैं, जबकि पुलिस के डर से पुरुष घर वापस नहीं आ रहे हैं। इनमें से अधिकांश ने हाथों और पैरों में गुम चोटों के निशान दिखाते हुए बताया कि पुलिस ने सोमवार को उन्हें बुरी तरह मारापीटा। बताया कि कुछ घरों में तो चूल्हे पर खाना बनता छोड़कर ही सब भाग गए। इसी तरह और भी महिलाओं ने सोमवार को पुलिस उत्पीड़न की दास्तां सुनाई। गांव की महिला रामसखी ने बताया कि पति पत्नी दोनों भट्ठे पर काम करते हैं। पति शाम को मजदूरी करके आए ही थे कि पुलिस उन्हें पकड़ ले गई। घर में अनाज का दाना तक नहीं है। तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। बच्चों का पेट कैसे पालेगी, यह बताते हुए वह फफककर रो पड़ी। पुलिस के डर से अभी पुरुष गांव में वापस नहीं आए हैं। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ भी की है। गोदावरी पत्नी अमर सिंह, निशा पुत्री लालाराम, भोली पत्नी मुन्ना लाल, सुनीता पत्नी बनवारी लाल ने भी बताया कि पुलिस ने उनकी पिटाई की। गांव में बुधवार को भी कुछ घर खुले मिले, जिनमें कोई नहीं था। मैलानी। गांव में ज्यादातर ग्रामीण मजदूरपेशा हैं और भट्ठों आदि पर मजदूरी करते हैं। मजदूरी से मिले पैसों से ही परिवार का गुजर-बसर होता है। गांव छोड़कर भाग जाने की वजह से लोग काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। गांव के आकेश की बारात सोमवार को बंडा गई थी। आकेश की मां श्याम देवी ने बताया कि उसी दिन बारात वापस लौटनी थी, लेकिन डर के मारे बुधवार तक बारात तक वापस नहीं लौट सकी है। कहा कि घर में लगा खंभ तीसरे दिन उखड़ जाना चाहिए, लेकिन बारात न लौटने की वजह से खंभ भी नहीं उखाड़ा गया है। घटना के तीसरे दिन विधायक रोमी साहनी ने कंधईपुर गांव पहुंचे और पुलिसिया उत्पीड़न के शिकार ग्रामीणों से मिले। उन्होंने गांव छोड़कर गए ग्रामीणों से वापस लौटने की अपील करते हुए कहा कि नामजद बाकी लोगों को जेल नहीं जाने देंगे। इससे पहले सपा नेता ने ग्रामीणों से मुलाकात की थी।

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