सी जे एम ने सदर कोतवाल व सिविल लाइंस प्रभारी को दी कार्रवाई की चेतावनी
बदायूं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद साजिद ने सदर कोतवाल व थानाध्यक्ष सिविल लाइन को वारंट आदेश की तामील न करने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुये पत्र जारी किया है सदर कोतवाली पुलिस ब सिविल लाइन की पुलिस काफी लंबे समय से आरोपियों के जारी गिरफ्तारी वारंट आदेश का पालन नहीं कर रही है पूर्व में इस मामले को लेकर कई बार कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे लेकिन राजनीतिक प्रभाव के चलते पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही थी सी जे एम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश का पालन न करने पर तीन माह के वेतन रोकने ब सश्रम कारावास आदि कार्रवाई की चेतावनी दी है साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई की 25 मई की तारीख नियत की है शहर स्थित आर्य समाज की प्रबंध समिति व आर्य समाज पर काबिज होने को लेकर साल 2014 से सिविल न्यायालय में मुकदमा लंबित है साल 2016 में एक पक्ष को मिला स्टे आदेश खारिज हो गया था लेकिन मुकदमा विचाराधीन था मुकदमे के मुताबिक जिसके बाद साल 2016 में दूसरे पक्ष के धीरज सक्सेना, शस्त्र कार्यालय से रिटायर्ड लिपिक हरिओम वर्मा, एस के कॉलेज प्रवक्ता विवेक जौहरी, सुधीर सिंह, राम प्रकाश सिंह ने अपने अन्य साथियों की मदद से असलहो के बल पर आर्य समाज मे बने कार्यालय पर कब्जा करने का प्रयास किया दोनों पक्षों के बीच जमकर फायरिंग ब मारपीट हुई धीरज सक्सेना के भाजपा में प्रभाव होने के नाते पुलिस ने उस समय कोई सक्षम कार्रवाई नहीं की तब वादी ने कोर्ट की शरण ली कोर्ट ने इस मामले में 18 अप्रेल 2018 को धीरज सक्सेना, हरिओम वर्मा, राम प्रकाश सिंह, विवेक जौहरी, सुधीर सिंह को तलब किया था जिसके बाद धीरज सक्सेना पक्ष हाईकोर्ट से स्टे ले आया था जिसके बाद से लगातार कोर्ट से अद्यतन आदेश दाखिल करने का आदेश होता रहा लेकिन आरोपियों द्वारा कोई भी अद्यतन आदेश दाखिल नहीं किया गया आरोपियों के खिलाफ फरबरी माह से गैर जमानती वारंट आदेश पारित होते रहे हैं लेकिन राजनीतिक प्रभाव के चलते किसी भी आरोपी की अब तक थाना सिविल लाइन पुलिस व सदर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की वादी द्वारा कोर्ट में इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया गया के संबंध में एसएसपी को निर्देशित किया जाए कि मामले में अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जाये सी जे एम मोहम्मद साजिद ने इस मामले में थानाध्यक्ष सिविल लाइन व सदर कोतवाल को पत्र जारी कर चेतावनी दी है कि अगर नियत तिथि तक न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया तो दोनों अधिकारियों के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई ब 3 माह का वेतन रोकने व तीन माह के सश्रम कारावास संबंधी कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी दी है













































































