गांवों में लगे गंदगी के ढेर, सफाई कर्मचारी एक महीने से नदारद,उपस्थिति रजिस्टर से खुल गई पोल
बिनावर। जनपद बदायूं के विकासखंड सलारपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत व्यौर के मजरा अचिन्तपुर में ग्राम पंचायत सचिवालय एवं गांवों में सफाई नहीं होने से गंदगी के ढेर लग गए हैं। जिस कारण ग्रामीणों में गंदगी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। उक्त सफाई कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हेतु उच्च अधिकारियों को फोन के द्वारा शिकायत की है। नालियों में जमा गंदा पानी रास्तों में बह रहा है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मियों की मनमानी के चलते लोग गंदगी में रहने को मजबूर हैं।

इस दौरान सफाई कर्मचारी के उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया गया, जिसमें दिनांक 1 मई से 23 मई तक कोई उपस्थिति दर्ज नहीं पाई गई है। प्रदेश सरकार गांवों को साफ सुथरा रखने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार भी स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को साफ सुथरा बनाने के लिए लोगों को जागरुक कर रही है, लेकिन सफाई कर्मचारियों की मनमानी के चलते तमाम कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। गांवों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जगह जगह कुड़े के ढेर लग गए है। नालियों में गन्दा पानी जमा हो रहा है। गंदगी की वजह से खतरनाक बीमारियां फैल रही हैं।

गांवों को साफ सुथरा रखने के लिए सरकार ने एक एक ग्राम पंचायत में कई कई सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की है, लेकिन अधिकतर कर्मचारी घर बैठकर वेतन प्राप्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन की सुस्ती के चलते सफाई कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। मजबूरी में ग्रामीण अपने हाथ से नालियों की सफाई कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामवासियों में गुस्सा है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा का कहना है कि गांवों में गंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस गांव में गंदगी या नालियों की सफाई नहीं मिली तो सफाई कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में बदायूं मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि उक्त सफाई कर्मचारी के खिलाफ डीपीआरओ श्रेया मिश्रा द्वारा कार्रवाई की जाएगी, गांवों को साफ सुथरा बनाना पहली प्राथमिकता है। इस संबंध में सलारपुर एडीओ पंचायत खालिद अली खान का कहना है कि जांच कर सफाई कर्मचारी के खिलाफ निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी!













































































