दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी का 40 मिनट में हुआ था खात्मा

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 साल 2011… तारीख दो और महीना मई… यही वह दिन था, जब अमेरिका ने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में घुसकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके साथ ही, अमेरिका ने 2001 में न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले का भी बदला ले लिया, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई थी। कुछ लोगों की तो लाशें भी नहीं मिल पाई। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश ने लादेन पर ढाई करोड़ डालर का इनाम रखा था। उन्होंने ही सबसे पहले यह अंदेशा लगाया था कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के पीछे लादेन का हाथ है। यही वजह थी कि अमेरिका लादेन का अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था। ओसामा बिन लादेन आतंकी संगठन अलकायदा का संस्थापक था। उसका पूरा नाम ओसामा बिन मोहम्मद बिन अवाद बिन लादेन था। वह आतंकी संगठन अलकायदा का संस्थापक था। उसका जन्म 10 मार्च 1957 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुआ था। लादेन ने पांच शादियां की थी, जिससे उसके 20 बच्चे थे। इन बच्चों में 9 लड़कियां हैं। लादेन ने अमाल अल सदाह, नजवा घनेम, खैरिया सेबर, सिहम सबर और खादिजा शरीफ के साथ हुई थी। ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने इस्लामाबाद के पास एबटाबाद में दो मई 2011 को एक विशेष अभियान में मार गिराया। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लादेन को मारने के पूरे आपरेशन की निगरानी की थी। उन्होंने ही सबसे पहले लादेन के मरने की पुष्टि की थी। अमेरिका ने 911 के हमले के बाद ओसामा और अलकायदा के खिलाफ जंग का एलान किया था। ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद अमेरिकी सैनिकों ने उसके शव को उत्तरी अरब सागर में एक ताबूत में रखकर बहा दिया। अमेरिका को डर था कि अगर वह लादेन को दफनाता तो उसके समर्थक उसकी मजार को एक महत्वपूर्ण जगह बना देते। हालांकि, अमेरिका के एक खोजी पत्रकार ने 2015 में दावा किया कि लादेन के शव के कई टुकड़े किए गए थे, जिनमें से कुछ टुकड़ों को हिंदुकुश पर्वत के ऊपर फेंका गया था। अमेरिका को यह जानकारी मिली थी कि लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपा हुआ है, जिसके बाद उसने आपरेशन नेपच्यून स्पीयर शुरू किया। इस पूरे आपरेशन को इतना गोपनीय रखा गया कि पाकिस्तान को इसकी भनक तक नहीं लगी। अमेरिकी नेवी सील के कमांडों ने इस पूरे आपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए लादेन को मौत के घाट उतार दिया। यह पूरा आपरेशन 40 मिनट तक चला। ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अफगानिस्तान से अमेरिकी नेवी सील के 25 कमांडो ने 6 हेलीकाप्टर से एबटाबाद के लिए उड़ान भरी। उनका हेलीकाप्टर 90 मिनट में एबटाबाद में एक कंपाउंड में उतरा, जहां से कमांडो मकान की तीसरी मंजिल पर पहुंचे, जहां ओसामा अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहता था। ओसामा को देखते ही कमांडो ने उसके चेहरे और सिर पर गोली मार दी। इस दौरान उसकी पत्नी और बेटे की भी मौत हो गई। लादेन को मारने के बाद अमेरिकी सैनिक उसके शव को एक बैग में पैक कर अफगानिस्तान लेते गए। ओसामा बिन लादेन को गोली किसने मारी, अभी इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन आपरेशन में शामिल रहे अमेरिकी नेवी सील के एक अधिकारी राबर्ट ओ नील ने अपनी किताब द आपरेटर में दावा किया कि उनके द्वारा चलाई गई तीन गोलियों से लादेन की मौत हुई थी।

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