नई दिल्ली। पर्थ में खेले गए वेस्टन ऑस्ट्रेलिया प्रीमियर लीग के फाइनल मैच में पर्थ सीसी और बायस्वाटर-मॉर्ले सीसी के बीच भिड़त हुई। इस मैच में भले ही पर्थ सीसी को जीत मिली हो, लेकिन जीत हासिल करने के बाद टीम को एक बड़ा झटका लगा।दरअसल, वेस्टन ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाज सैम फैनिंग को फाइनल में पिच से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया और उन्हें 4 साल के लिए बैन कर दिया गया है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, सैम पर यह आरोप लगाए जानें की जानकारी मिली है।दरअसल, ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, वीडियो में फैनिंग को पिच से छेड़छाड़ करते हुए देखा गया था। इस दौरान सैम फैनिंग अपने जूते से पिच पर गड्ढा करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए। यह घटना पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद हुई। दिलचस्प बात यह है कि इस घटना के सामने आने से पहले फैनिंग ने 197 गेंदों में 123 रन बनाए थे और बाद में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला था, लेकिन नियम का उल्लंघन करने के चलते उन पर 4 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है।इस बीच पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के उच्च प्रदर्शन के महाप्रबंधक केड हार्वे ने फैनिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि हम सैम से जुड़ी घटना के बारे में जानकर निराशा हुई, जो हमारे नियमों को प्रतिबिंबित नहीं करती थी। जुर्माने के साथ-साथ, सैम के साथ हम काम करेंगे और उन्हें नियमों को जानने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर निर्णय लेने में शिक्षा देंगे। बता दें कि पिच से छेड़छाड़ या फिरपिच को नुकसान पहुंचाना कानून 41.12 (क्षेत्ररक्षक) और 41.13 (मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के कानूनों के तहत एक अवैध कार्रवाई है। यह गेंदबाज या क्षेत्ररक्षक को पिच के संरक्षित क्षेत्र के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ करने से रोकता है। यदि कोई फील्डर पिच को नुकसान पहुंचाता है, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम को 5 रन दिए जाते हैं। जबकि अगर गेंदबाज ऐसा तीन बार करता है, तो उन्हें गेंदबाजी आक्रमण से हटा दिया जाएगा और वह आगे जाकर उस पारी में गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे।