बदायूं l जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट ) में चल रहे तीन दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण में दूसरे दिन आज प्रतिभागी शिक्षक शिक्षिकाओं को हिंदी और गणित विषय की बारीकियों के विषय में बताया गया l बताया गया कि बच्चों को किस तरह हिंदी और गणित विषय को रोचकता के साथ पढ़ाया जाए जिससे वह आसानी से समझ सके l महानिदेशक स्कूली शिक्षा के निर्देश पर चल रहे प्रशिक्षण में डायट प्रवक्ता अमित शर्मा ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने में किसी भी प्रशिक्षण का काफी महत्व होता है l इसलिए सभी प्रतिभागी शिक्षक शिक्षिकाएं पूर्ण मनोयोग से इस प्रशिक्षण को प्राप्त करें l उन्हें अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे कोई उन पर उंगली उठाए l यह प्रशिक्षण ऐसा है जिससे हम बहुत कुछ प्राप्त कर सकते हैं और उसे हम बच्चों के बीच लागू करें l तभी प्रशिक्षण की सार्थकता होगी l उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में गणित और हिंदी विषय के 300 शिक्षक शिक्षिका प्रतिभाग कर रहे हैं l प्रशिक्षण में 20 शिक्षक गैरहाजिर रहे हैं जिन्हें अंतिम मौका अगले चरण के प्रशिक्षण में दिया जाएगा l यदि उसमें भी शामिल नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई को लिखा जाएगा। प्रशिक्षकों ने हिंदी और गणित विषय पर आधारित कई गतिविधियों के जरिए शिक्षकों को जानकारी दी l उन्होंने कहा कि शिक्षक को समाज का दर्पण और राष्ट्र निर्माता कहा जाता है इसलिए प्रत्येक शिक्षक को चाहिए तो वह अपने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा दें l प्रशिक्षकों ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में नई-नई तकनीकी का प्रयोग हो रहा है l प्रशिक्षण में प्रशिक्षक महालक्ष्मी सक्सेना , राजवीर सिंह , राजन यादव , पंकज शर्मा , राजीव कुमार, सीमा यादव,संगीता शर्मा, हरिनंदन सिंह, मुफीद आलम, मनाज़िर, दिलीप कुमार, रजनश सक्सैना , गुरु चरण दास, राम सुभाष यादव, कमाल अख्तर राकेश शर्मा, देवेंद्र कुमार , वैशाली, उपासना , लाखन सिंह चंद्रवीर सिंह,नितिन सक्सेना आदि थे l