बदायूं। मोहल्ला कृष्णापुरी के श्रीजी रिसोर्ट के मैदान में श्री राधा कृष्ण सेवा समिति की ओर से आयोजित भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास श्री राम दुबे ने कहा सत्संगी स्वयं को देखता है और संसारी दूसरों के दूसरों के दोषों को देखता है ।जब गुरु की कृपा होती है तब सत्संग करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। आगे कहा सांसारिक जीवन में न कोई किसी को दुख पहुंचाता है और ना कोई किसी को सुख देता है। हर प्राणीं को अपने अपने कर्मों के अनुसार फल मिलता है। एक प्रसंग से स्पष्ट किया कि दुनिया में मित्र तो बहुत मिल जाते हैं । लेकिन सहोदर भाई बड़ी मुश्किल से मिलता है इसलिए भाई भाई को आपस में झगड़ा नहीं करना चाहिए छोटे भाई को बड़ा भाई पिता के समान मानना चाहिए और बड़े भाई को छोटा भाई अपनी संतान के समान समझना चाहिए । पत्नी के अर्थ को समझाते हुए बतलाया की पत्नी वह होती है जो पति का पतन होने से बचा लेती है। देर तक चली कथा में कथा व्यास ने सती चरित्र के प्रसंग का बहुत ही मार्मिक ढंग से वर्णन किया। कथा के बीच बीच में मधुर संकीर्तन पर भक्तगण झूमते हुए नजर आए। कथा में समिति के सभी पदाधिकारियों ने व्यवस्थाएं संभाली। पूजन का कार्य उमेश शास्त्री ने कराया और भागवत का मूल पाठ योगेश चतुर्वेदी ने किया ।मुख्य परीक्षित विनय कुमार पाराशर सपत्नीक रहे। कथा में भाजपा महिला मोर्चा बृज क्षेत्र की पदाधिकारी रजनी मिश्रा सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।