इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पीलीभीत में होगा 25 करोड़ का निवेश

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क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के साथ उद्यमियों ने किया शारदा सागर डैम, टाइगर रिजर्व का दौरा

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने की शुरू ही पहल

पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वाइल्डलाइफ, ईको टूरिज्म और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने की कवायद शुरू हो गई है। कमिश्नर संयुक्ता समद्दार के निर्देश पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने पीलीभीत के अफसरों के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व, शारदा सागर डैम, चुका बीच, सप्त सरोवर समेत आस पास के रमणीय स्थलों, मुस्तफाबाद क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ आसपास के कई उद्यमी मौजूद थे। पीलीभीत के वाइल्डलाइफ और ईको टूरिज्म को देखकर निवेशक भी आकर्षित हुए। उन्होंने पीलीभीत में जमीन की उपलब्धता होने के साथ 25 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की सहमति दी है। उनके ठहरने और बेहतर सुविधाएं देने के लिए होटल गेस्ट हाउस, होमस्टे विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वाइल्डलाइफ ईको टूरिज्म से बढ़ेंगे रोजगार

पीलीभीत में वाइल्डलाइफ ईकोटूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। ईको टूरिज्म सर्किट स्थापित कर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू हो गए हैं। पर्यटन नीति 2022 के तहत पूंजीगत अनुदान की सीमा 25 प्रतिशत रखी गई है। इसमें अधिकतम सब्सिडी की सीमा 10 करोड़ है। सर्किट में स्थापित होने वाले होटल, होम स्टे, रिजॉर्ट को इनका सीधा लाभ दिया जाएगा। कमिश्नर ने इस मामले में ईको टूरिज्म स्थल के लिए चयनित किए गए स्थानों को विकसित करने और उद्यमियों को सहायता कराने के निर्देश दिए हैं।

अलकनंदा क्रूज और होमस्टे पर्यटकों को करेंगे आकर्षित

पीलीभीत में शारदा सागर डैम शानदार पर्यटन स्थल है। यहां विशाल 23 किलोमीटर लंबा जलाशय है। एक से पांच किलोमीटर तक जलाशय चौड़ा है। पर्यटन की दृष्टि से क्रूज का संचालन पीपीपी मोड पर कराया जा रहा है। अलकनंदा क्रूज लाइन प्राइवेट लिमिटेड वाराणसी के द्वारा इसका स्थलीय निरीक्षण किया गया। यहां मोटरबोट चलाकर पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा पीलीभीत में वन विभाग की नवीन गाइडलाइन के अनुसार वन क्षेत्र के निकट आवश्यक सुविधाओं को देखते हुए होमस्टे तैयार किया जा रहा है। इसमें छोटी-छोटी हट बनाकर पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चूका, बफर जोन, कर्तनिया घाट पर इको टूरिज्म

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व चूका बीच से लेकर दुधवा नेशनल पार्क तक ईकोटूरिज्म सर्किट बनाया जा रहा है। चूका के अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन में तीन टूरिस्ट सर्किट रहेंगे। वहां भी मंगलवार से पर्यटन का शुभारंभ किया गया। मैलानी रेंज जटपुरा बीच के रामानंदी पुल पर जंगल सफारी शुरू की गई है। कर्तनिया घाट से भी इको टूरिज्म शुरू हो गया है दुधवा टाइगर रिजर्व में भीरा रेंज, मैलानी और कर्तनिया घाट में ईकोटूरिज्म बनाया गया है।

बंगाली संस्कृति से परिचित होंगे पर्यटक

स्थानीय संस्कृति और स्थानीय लोगों के बनाए गए उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए नए टूरिज्म सर्किट में खास व्यवस्था की गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व पर्यटन सत्र शुरू होने से बंगाली समुदाय के बनाए उत्पाद सैलानियों की खास पसंद बनते हैं। पीलीभीत से सटे खीरी इलाके में थारू आदिवासी समुदाय के उत्पादों में सबसे ज्यादा अगरबत्ती, मसाले, जूट से बने बैग, डलिया, टोपी, कैप, मोबाइल बैग पर्स काफी चर्चित हैं। इन्हें सैलानी पसंद करते हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलता है
डॉ यासीन खान

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